कैमूर में काल बना मिट्टी लदा ट्रैक्टर: धूं-धूं कर जलते वाहन के नीचे दबने से दो नाबालिगों की दर्दनाक मौत

Kaimur Accident News: कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के नौघरा गांव में शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ है. जहां मिट्टी लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके तुरंत बाद उसमें भयानक आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर पर सवार दो किशोरों की मलबे के नीचे दबने और झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई.

Kaimur Accident News: (कैमूर से विनोद कुमार सिंह की रिपोर्ट) :
थाना क्षेत्र के नौघरा गांव में शुक्रवार की शाम एक दिल दहला देने वाला भीषण हादसा सामने आया है. नौघरा गांव के दक्षिण, खड़ौरा जाने वाले रास्ते पर मिट्टी लदा एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे चाट में पलट गया. हादसा इतना भयावह था कि पलटने के तुरंत बाद ट्रैक्टर में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया. इस दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर पर सवार दो किशोरों की मौके पर ही इंजन और मलबे के नीचे दबने तथा आग की चपेट में आने से मौत हो गई. मृतकों की पहचान नौघरा गांव निवासी कलामुद्दीन अंसारी के 14 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सैस और बबुआ धोबी के 15 वर्षीय पुत्र सेचन अली के रूप में की गई है. इस घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है.

खेल-खेल में सवार हुए थे दोनों दोस्त, चालक ने कूदकर बचाई जान

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालक खड़ौरा गांव से मिट्टी लादकर नौघरा गांव में ही कहीं गिराने के लिए जा रहा था. इसी दौरान गांव के ही दो जिगरी दोस्त, सेचन अली और मोहम्मद सैस, खेल-खेल में ट्रैक्टर पर बैठ गए थे. उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर जैसे ही अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के फार्म हाउस के नजदीक पहुंचा, चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा. ट्रैक्टर को अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरता देख चालक ने सूझबूझ दिखाई और गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली, लेकिन दोनों बच्चों को संभलने का मौका नहीं मिला.

आग की गगनचुंबी लपटों के कारण बेबस दिखे ग्रामीण

हादसा कितना जबरदस्त था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पलटने के बाद ट्रैक्टर के सभी पहिये आसमान की तरफ हो गए थे. ट्रैक्टर के पलटते ही उसकी तेल टंकी या इंजन से उठी चिंगारी के कारण अचानक आग लग गई. चीख-पुकार सुनकर मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई. ट्रैक्टर के नीचे दबे दोनों किशोर खुद को बचाने के लिए लगातार चिल्ला रहे थे. ग्रामीणों ने उन्हें निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन ट्रैक्टर से उठ रही आग की गगनचुंबी लपटों और भीषण तपिश के कारण कोई भी उसके करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका. लोग चाहकर भी दोनों मासूमों को जिंदा नहीं निकाल सके.

फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू, शवों को निकालने में जुटी पुलिस

स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया. हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घटना की सूचना मिलने के बाद चैनपुर थाने की पुलिस भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई. ट्रैक्टर के भारी मलबे के कारण शवों को निकालने में दिक्कत आ रही थी, जिसके बाद पुलिस ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जेसीबी मशीन मंगाकर शवों को बाहर निकालने और पोस्टमॉर्टम के लिए भभुआ भेजने की तैयारी शुरू की. हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है.

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By Kumarsuryakant

सूर्यकांत कुमार तीन वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. स्थानीय और हाइपरलोकल पत्रकारिता में विशेष अनुभव रखते हैं. कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर का भी व्यावहारिक अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एक डिजिटल न्यूज चैनल से की और विभिन्न डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करते हुए समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया है. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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