इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी आंकड़े अपलोड हुए, तो नपेंगे प्रधानाध्यापक व जिम्मेदार कर्मी

प्रत्येक कार्य दिवस के दिन चार बजे से पहले पोर्टल पर एमडीएम की रिपोर्ट करनी होगी दर्ज

= प्रत्येक कार्य दिवस के दिन चार बजे से पहले पोर्टल पर एमडीएम की रिपोर्ट करनी होगी दर्ज = निदेशक मध्याह्न भोजन ने डीइओ व डीपीओ एमडीएम को जारी किया निर्देश भभुआ नगर. मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी को लेकर इसे और अधिक सुचारू व पारदर्शी बनाने के लिए बिहार शिक्षा विभाग के निदेशक मध्याह्न भोजन विनायक मिश्रा ने डीइओ व डीपीओ एमडीएम को निर्देश जारी किया है. जारी निर्देश में निदेशक ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भेजी गयी रिपोर्ट को मान्य नहीं किया जायेगा और ऐसे विद्यालयों को परिवर्तन मूल्य (कन्वर्जन कॉस्ट) का भुगतान भी नहीं किया जायेगा. साथ ही जारी निर्देश में कहा है कि विद्यालयों को प्रतिदिन भोजन पकने, वितरण होने, लाभान्वित बच्चों की संख्या, उपस्थिति तथा अन्य संबंधित गतिविधियों की सही-सही प्रविष्टि करनी है. विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल भोजन वितरण की वास्तविक स्थिति की निगरानी आसान होगी, बल्कि विद्यालयवार उपस्थिति और भुगतान प्रक्रिया भी समय पर पूरी की जा सकेगी. निदेशक ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई विद्यालय गलत प्रविष्टि करता है, स्कूल को जानबूझकर बाधित दिखाता है या फर्जी आंकड़ा अपलोड करता है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक व जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी. रिपोर्टिंग में लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जायेगा. निदेशक ने जारी निर्देश में कहा है कि इ-शिक्षा कोष पर प्राप्त दैनिक रिपोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की जाती है. समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि कई विद्यालय समय पर रिपोर्ट नहीं भेजते, अधूरी जानकारी दर्ज करते हैं या देर रात के बाद (कई बार आधी रात के बाद) भी डेटा अपलोड करते हैं. देर से रिपोर्ट भेजे जाने के कारण भोजन वितरण की वास्तविक स्थिति और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है. ऐसे में योजनाओं के संचालन की पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों पर असर पड़ता है. इन समस्याओं को दूर करने और मध्याह्न भोजन योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने रिपोर्टिंग समय का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है. निदेशक ने सभी सरकारी स्कूलों से अपील की है कि वे इस दिशा में गंभीरता दिखाएं तथा पोर्टल पर रोजाना समय पर अपडेट दें, ताकि बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके और योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित रहे. – क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में डीपीओ एमडीएम शंभू प्रसाद सिंह ने बताया कि मध्याह्न भोजन निदेशक द्वारा जारी पत्र के आलोक में जिले के सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि चार से पहले एमडीएम से संबंधित आंकड़े शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज कर दें, नहीं तो कन्वर्जन कॉस्ट का भुगतान नहीं किया जायेगा, साथ ही संबंधित प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जायेगी.

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Author: VIKASH KUMAR

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