Kaimur News : सरदार वल्लभभाई पटेल महाविद्यालय, भभुआ में सोमवार को हिंदी विभाग की ओर से हिंदी दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया. बाबू गुप्तनाथ सिंह स्मृति सभागार में आयोजित समारोह का मुख्य विषय ‘राजभाषा हिंदी : अतीत और वर्तमान’ रहा. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. किंगसन सिंह पटेल, प्राचार्य प्रो. शंकर प्रसाद शर्मा सहित अन्य विद्वानों ने दीप प्रज्वलित कर किया. छात्राओं ब्यूटी, मनीषा और रागिनी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया.
हिंदी के उद्भव और विकास पर शिक्षाविदों ने रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शिक्षाविदों ने अपने विचार रखे. संस्कृत विभाग के डॉ. निलेश वर्मा ने हिंदी के उद्भव और उसकी ऐतिहासिक जड़ों पर प्रकाश डाला. अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. शशिभूषण कुमार ने वैश्विक परिदृश्य में हिंदी और अंग्रेजी के सह-अस्तित्व पर अपनी बात रखी. वहीं, हिंदी विभाग के डॉ. रवींद्र कुमार ने हिंदी साहित्य के इतिहास और राजभाषा के विकास पर चर्चा की. उन्होंने राष्ट्रभाषा और राजभाषा के अंतर को भी स्पष्ट किया.
हिंदी के शुद्ध उच्चारण और दैनिक प्रयोग पर दिया जोर
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. महेश प्रसाद ने हिंदी के शुद्ध उच्चारण के साथ अन्य भाषाओं के ज्ञान को भी जरूरी बताया. मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. न्याज़ अहमद सिद्दिकी ने दैनिक व्यवहार में अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया.
हिंदी सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय चेतना का आधार : प्रो. पटेल
मुख्य वक्ता प्रो. किंगसन सिंह पटेल ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय चेतना का आधार है. उन्होंने हिंदी की वर्तमान चुनौतियों, वैश्विक लोकप्रियता और हिंदी में रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला.
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तकनीक और दिनचर्या में हिंदी के प्रयोग पर बल
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि भाषा संस्कृति का संवहन करती है. हिंदी को दिनचर्या और तकनीक में अपनाकर ही इसे वास्तविक सम्मान दिया जा सकता है. उन्होंने फिल्मों और गीतों को हिंदी के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया.
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उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. डॉ. वंशीधर उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. सैय्यद अशहद करीम ने किया. राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ. इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
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