आवारा कुत्तों की शिकायत के लिए नगर प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर

# माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर आक्रामक कुत्तों के लिए डाग शेल्टर, नसबंदी व टीकाकरण की अभी सुविधा नहीं # हेल्पलाइन नंबर 7004839988 पर कर सकते हैं आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायत मोहनिया सदर. देश भर में आवारा कुत्तों के खासतौर से शहरी क्षेत्रों में बढ़ते आतंक व इन आवारा कुत्तों का निशाना बनने से लोगों को बचाने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश के आलोक में नगर प्रशासन ने बचाव को लेकर सुझाव व शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 7004839988 जारी किया है. यह नंबर नगर के कर संग्राहक अजय कुमार सिंह का है, यदि नगर पंचायत क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को आवारा कुत्तों से किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वे इस हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और सुझाव भी प्राप्त कर सकते हैं. लोगों की जानकारी के लिए नगर प्रशासन द्वारा नगर के सबसे भीड़ भाड़ वाले स्थान चांदनी चौक के ओवरब्रिज के नीचे डॉ भीम राव आंबेडकर स्थल द्वार के बगल दीवार पर पोस्टर भी लगाया गया है. हालांकि, नगर में आवारा कुत्तों की भरमार है, लेकिन जागरूकता के अभाव में ऐसे कुत्तों से संबंधित शिकायत नहीं के बराबर आ रही है. साथ ही जिस व्यक्ति के कंधों पर आवारा कुत्तों से बचाव के लिए सुझाव व शिकायत दर्ज करने की जिम्मेदारी दी गयी है, उस कर्मचारी को इससे संबंधित किसी तरह का प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है. माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब धीमी गति से आक्रामक आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों को बचाने की दिशा में प्रशासनिक पहल शुरु कर दी गयी है, ऐसे कुत्तों को लेकर हेल्पलाइन नंबर तो जारी कर दिया गया है, लेकिन इन आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण व आक्रामक कुत्तों को रखने के लिए अभी कोई डाग शेल्टर की सुविधा नगर प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है. हालांकि, धीमी गति से ही सही लेकिन नगर प्रशासन द्वारा इसकी पहल शुरु कर दी गयी है. डाग शेल्टर के निर्माण के लिए स्थल की तलाश की कवायद भी शुरु हो गयी है. आवारा कुत्तों को खाना खिलाने के लिए जगह की तलाश भी की जा रही है, क्योंकि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों के किनारे ऐसे कुत्तों को खाना खिलाना एक तरफ जहां खतरे से खाली नहीं माना जा रहा है, वहीं अब यह एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. # अस्पतालों व विद्यालयों के आसपास नहीं रहे आवारा कुत्ते माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि विद्यालयों व अस्पतालों को आवारा कुत्तों की पहुंच से दूर रखना होगा. आक्रामक कुत्तों का सबसे अधिक बच्चे व बुजुर्ग निशाना बनते हैं. देश की राजधानी दिल्ली, बिहार के बेगूसराय सहित कई जगहों पर जिस तरह कुछ लोगों को आक्रामक आवारा कुत्तों के झुंड ने नोच नोच कर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना ने लोगों के अंदर दहशत पैदा कर दिया है. आज स्थिति यह है कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे तो ऐसे कुत्तों को देखते ही डरने लग रहे हैं, यदि आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2024 में 37 लाख 15 हजार 713 लोगों को कुत्तों ने काटा था. सामान्य कुत्तों का टीकाकरण व बंध्याकरण कर उनको उनके स्थान पर पुन: छोड़ देना है, लेकिन आक्रामक कुत्तों को डाग शेल्टर में रखने का फैसला लिया गया है. राज्य भर में एक वर्ष में करोड़ों रुपये कुत्तों के काटने के बाद लोगों को सरकारी अस्पतालों में लगाये जाने वाले एंटी रैबीज इंजेक्शन पर खर्च किया जा रहा है. # बोले इओ इस संबंध में पूछे जाने पर नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी सुधांशु कुमार ने कहा कि नगर में आवारा कुत्तों की शिकायत व सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. आक्रामक आवारा कुत्तों को रखने के लिए डाग शेल्टर, टीकाकरण व नसबंदी के लिए व्यवस्था की जा रही है.

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Author: VIKASH KUMAR

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