Kaimur News : स्थानीय क्षेत्र से गुजरने वाली नदियों में दूसरे दिन गुरुवार को भी उफान जारी रहा. नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. डहला और सरियाव गांव के दर्जनभर घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. वहीं सरियाव, डहला, बहेरा, मनोहरपुर, मछनहटा समेत कई गांवों के बधार जलमग्न हो गये हैं. खेतों में लगी धान की फसलें भी पानी में डूबी हुई हैं. दूसरी ओर करीब आधा दर्जन ग्रामीण संपर्क पथों पर पानी का बहाव शुरू हो गया है.
तीन तरफ नदियों से घिरा है सरियाव गांव
ग्रामीणों के अनुसार, सरियाव गांव को कुहीरा और गेहुवनवा नदियां तीन तरफ से घेरे हुए हैं. वहीं डहला गांव और दुर्गावती बाजार के समीप से दुर्गावती नदी गुजरती है. बरसात के दिनों में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ हर वर्ष इन इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है. इस बार भी नदी में उफान के बाद स्थिति बिगड़ने लगी है.
हर साल डूब जाता है सरियाव का मुख्य रास्ता
सरियाव गांव में आने-जाने के लिए दो प्रमुख रास्ते हैं. मुख्य रास्ता मरहिया-खरीगावा पथ से जुड़ा है, जबकि दूसरा रास्ता गांव के दक्षिण दिशा से निकलता है. नदियों में उफान आने पर मरहिया-खरीगावा पथ से जुड़ा मुख्य रास्ता पानी में डूब जाता है. ग्रामीण कई वर्षों से इस रास्ते पर पुलिया या ओवरब्रिज निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
डहला की मल्लाह बस्ती के घरों में घुसा पानी
डहला गांव की मल्लाह बस्ती में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. बस्ती के अधिकांश घरों में पानी पहुंचने से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग परेशान हैं. ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती के आगे से गुजरने वाले रास्ते को ऊंचा कर मिट्टी भराई के बाद पक्की सड़क का निर्माण कराया जाये, तो बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.
सैकड़ों बीघे में लगी धान की फसल जलमग्न
नदियों में आयी बाढ़ से करीब दर्जनभर गांवों के बधार में लगी धान की फसलें पानी में डूब गयी हैं. खामीदौरा, सरियाव, मछनहटा, गोरार, धनीपुर, माधोपुर, डहला, मरहिया और चोगड़ा सहित कई गांवों का कुहीरा मौजा के नाम से जाना जाने वाला सिवान भी जलमग्न हो गया है. ग्रामीणों के अनुसार, इस इलाके में सैकड़ों बीघे भूमि में लगी धान की फसल पानी में डूबी हुई है.
आधा दर्जन संपर्क पथों पर शुरू हुआ पानी का बहाव
गुरुवार को मरहिया-हाटा पथ से जुड़े सरियाव, खामीदौरा और गोरार गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर पानी का बहाव देखा गया. वहीं दुर्गावती-चैनपुर पथ पर चोगड़ा गांव की पुलिया और ककरैत घाट की ओर जाने वाले रास्ते तथा चेहरिया बाजार स्थित छलके पर भी पानी बह रहा है.
इसके अलावा मरहिया-खरीगावा पथ से पंचायत सरकार भवन खामीदौरा के समीप से खामीदौरा और धनिहारी की ओर जाने वाले रास्ते पर भी पानी चढ़ गया है. खामीदौरा से पावर प्लांट होते हुए ईसीपुर, रूईया और गोरार की ओर जाने वाले संपर्क पथों पर भी पानी का बहाव बढ़ता देखा गया. इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी हो रही है.
जलनिकासी के रास्तों पर अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी
खरखोली के चन्ना सिवान, गडहरिया सिवान, खामीदौरा समेत आसपास के कई गांवों के ऊपरी बधारों में भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर जलनिकासी के रास्ते पर अतिक्रमण है. इसके कारण बारिश और बाढ़ का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है और खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहता है.
स्थायी समाधान की मांग कर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जलनिकासी के रास्तों को अतिक्रमणमुक्त कराने, संपर्क पथों को ऊंचा करने और सरियाव के मुख्य रास्ते पर स्थायी पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान होने से हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाले जलजमाव और बाढ़ से काफी हद तक राहत मिल सकती है.
