Kaimur News(बिरजू प्रसाद): चांद प्रखंड में आक्रोशित ग्रामीणों ने NH-219 बाईपास एवं चौड़ीकरण कार्य को रोक दिया. किसानों ने “किसान एकता जिंदाबाद” और “उचित मुआवजा नहीं तो सड़क नहीं” के नारे लगाते हुए उचित मुआवजे की मांग की. प्रशासन के समझाने के बाद भी किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे.
डीएम ने किसानों को वार्ता के लिए दोपहर 2 बजे भभुआ कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया और मुआवजा संबंधी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया. जिलाधिकारी के साथ हुई वार्ता में किसान प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अभिमन्यु सिंह, विकास कुमार पांडेय, शैलेश कुमार सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, कृष्णा मिस्त्री और गोरख कुमार शामिल थे.
लापरवाही को दूर करने की मांग पर अड़े रहे किसान
बैठक के बाद भी किसान NH-219 बाईपास एवं चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में बरती गई कथित लापरवाही को दूर करने की मांग पर अड़े रहे. राष्ट्रीय उच्च पथ के उन्मुखीकरण कार्य के तहत भभुआ-चांद-धरौली पथ पर चांद में बाईपास एवं चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है.
किसानों का आरोप
किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान भू-अर्जन विभाग द्वारा भारी गड़बड़ी की गई है. व्यावसायिक एवं आवासीय भूमि को कृषि भूमि घोषित कर दिया गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसे लेकर किसानों में जबरदस्त आक्रोश है.
किसानों ने बताया कि हाइवे के किनारे स्थित उनकी कीमती व्यावसायिक जमीन अधिग्रहित की जा रही है. किसान भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की समीक्षा की मांग कर रहे हैं. NH-219 परियोजना में कुल 9 मौजा के 280 रैयतों की लगभग दर्जनों एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है.
व्यावसायिक जमीन खरीदी थी
किसानों का कहना है कि विकास कुमार पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा समेत कई लोगों ने व्यावसायिक जमीन खरीदी थी, लेकिन भू-अर्जन विभाग ने उसे कृषि भूमि घोषित कर दिया. वहीं कृष्णा कुमार और सतीश पांडेय जैसे किसानों की जमीन 3ए प्रकाशन में आवासीय दिखाई गई थी, लेकिन बाद में 3डी में उसे कृषि भूमि घोषित कर दिया गया. किसानों ने जिलाधिकारी से इन विसंगतियों को दूर करने और अधिग्रहित कृषि भूमि के लिए बढ़े हुए सर्किल दर पर मुआवजा घोषित करने की मांग की है.
आंदोलन के दौरान सोनू सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को उचित मुआवजा दे, ताकि NH-219 बाईपास का कार्य पूरा हो सके. इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य बाधित नहीं होने दिया जाएगा.
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान मजदूर यूनियन कैमूर के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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