Kaimur News : औद्योगिक पार्क के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव के विरोध में रविवार को करजी गांव में किसानों की महत्वपूर्ण बैठक हुई. चैनपुर और चांद प्रखंड के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों ने प्रस्ताव को लेकर अपनी आपत्ति जतायी और उपजाऊ कृषि भूमि को अधिग्रहण से बचाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया.
किसानों ने कहा- खेती की जमीन ही आजीविका का आधार
बैठक में किसानों ने कहा कि वे विकास और उद्योग स्थापित किये जाने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन औद्योगिक पार्क के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण स्वीकार नहीं करेंगे. किसानों के अनुसार वर्षों से जिस जमीन पर खेती कर परिवारों का भरण-पोषण हो रहा है, वही उनकी आय और भविष्य का प्रमुख आधार है. जमीन चले जाने से रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है.
वैकल्पिक जमीन पर औद्योगिक पार्क बनाने की मांग
किसानों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में उद्योग लगने से रोजगार और विकास के अवसर बढ़ सकते हैं. लेकिन इसके लिए ऐसी जमीन का चयन किया जाना चाहिए, जिससे किसानों की खेती प्रभावित न हो. उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से औद्योगिक पार्क के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की मांग की.
मांग नहीं मानी तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
बैठक में किसानों के साथ स्पष्ट संवाद स्थापित करने और उनकी आपत्तियों व सुझावों पर विचार करने की मांग भी उठी. किसानों ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ सामूहिक आवाज उठाने तथा जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक बनाने की रणनीति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन किया जायेगा. हालांकि, किसानों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया.
बैठक में मुखिया राधेश्याम पाल, युगल किशोर उपाध्याय, रवि सिंह, रमेश सिंह, हनुमान चौबे, सुनील उपाध्याय, गुरुदेव उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
