15 अक्टूबर तक मनरेगा में प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जायेगा रोजगार

KAIMUR NEWS.जिले में चल रहे मनरेगा योजनाओं में 15 अक्टूबर तक प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. वर्तमान में इच्छुक परिवारों को कार्य उपलब्ध कराने के लिये मनरेगा से विभिन्न योजनाओं का संचालन कराया जा रहा है.

वर्तमान में चल रही है कई जल संरक्षण, जल संचयन और पौधारोपण आदि की योजनाएं प्रतिनिधि,भभुआ.

जिले में चल रहे मनरेगा योजनाओं में 15 अक्टूबर तक प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. वर्तमान में इच्छुक परिवारों को कार्य उपलब्ध कराने के लिये मनरेगा से विभिन्न योजनाओं का संचालन कराया जा रहा है. गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में मनरेगा से तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा रहा है. साथ ही जल जीवन हरियाली अभियान के तहत जल संरक्षण और जल संचयन की योजनाओं का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है. जिसमें अमृत सरोवरों के निर्माण के साथ आहर, पइन, खेत समतलीकरण, पोखर निर्माण व जीर्णोद्धार की योजनाएं भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ण किया जाना है. इसी तरह चालू वित्तीय वर्ष में जिले में मनरेगा से बड़े पैमाने पर खेल मैदानों का निर्माण व नदी का जीर्णोद्धार भी कराया जा चुका है. यही नहीं 15 अक्टूबर की अवधि तक सामाजिक वानिकी, प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों को आवास निर्माण में मजदूरी भुगतान, निजी जमीन पर व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं जिसमें बकरी शेड, पशु शेड, मुर्गी शेड, वर्मी कंपोष्ट, नाडेप पीट आदि योजनाओं का भी क्रियान्वयन मनरेगा से ही कराया जाना है. इधर, ग्रामीण विकास विभाग बिहार सरकार के मनरेगा आयुक्त के निर्देश के आलोक में 15 अक्टूबर तक मनरेगा योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर सरकार के नियमों को अनुपालन करते हुए करना है और उन योजनाओं को पूर्ण भी किया जाना है, ताकि लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके. गौरतलब है कि मनरेगा योजना में जहां एक तरफ लोगों को रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ मानव दिवस के सृजन का लक्ष्य भी सरकार प्राप्त कर रही है.

मजदूरी की मांग पर जॉबकार्ड धारियों को रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य

मजदूरी के मांग पर मनरेगा योजना में जॉबकार्ड धारियों को रोजगार उपलब्ध कराना भी अनिवार्य है. इसे लेकर सरकार स्तर से पूर्व में जारी निर्देश में कहा गया है कि मनरेगा एक अधिनियम आधारित योजना है. जिसमें अकुशल मजदूरी की मांग किये जाने पर संबंधित जॉबकार्ड धारियों को रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है. साथ ही सरकार के निर्देश के आलोक में योजनाओं के क्रियान्वयन और समापन पर डिजिटल फोटो भी लिया जाना है. वैसे कार्य स्थल जहां पर अधिक संख्या में मजदूरों से काम लिया जा रहा है, उसका वीडियो क्लिप भी तैयार किया जाना है. इसी तरह प्रत्येक दो दिन पर मिट्टी कार्य की मापी कराने और उसे मापी पुस्तिका में दर्ज करने तथा कार्य स्थल पर मौजूद मजदूरों की उपस्थिति एनएमएमएस के माध्यम से दर्ज कराया जाना है.

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Author: VIKASH KUMAR

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