दुर्गावती जलाशय में 122.71 मीटर पानी उपलब्ध, कुदरा बियर को छोड़ा जाएगा 200 क्यूसेक पानी

Kaimur News : मुख्य नहर से निकलने वाली 82.21 किलोमीटर लंबी 10 वितरणियों एवं माइनरों के माध्यम से लगभग 18,150 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है.

Kaimur News : (शिव कुमार भारती की रिपोर्ट)

दुर्गावती जलाशय में वर्तमान में 122.71 मीटर पानी उपलब्ध है. बारिश होने की स्थिति में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है. खरीफ फसल की तैयारी के मद्देनजर कुदरा बियर में जल्द ही 200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है.

किसानों की जीवनरेखा बनी दुर्गावती मुख्य नहर

मोहनिया, कुदरा और दुर्गावती प्रखंड के कुछ हिस्सों के लिए दुर्गावती मुख्य नहर किसानों की जीवनरेखा मानी जाती है. कुदरा बियर से निकलकर यह नहर 34.87 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने के बाद मोहनिया के सियापोखर गांव के समीप दुर्गावती नदी में मिल जाती है.

18,150 हेक्टेयर भूमि की होती है सिंचाई

मुख्य नहर से निकलने वाली 82.21 किलोमीटर लंबी 10 वितरणियों एवं माइनरों के माध्यम से लगभग 18,150 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है. वहीं, मुख्य नहर के जीरो से 16.10 किलोमीटर तक करीब 800 हेक्टेयर भूमि का सीधा पटवन होता है.

कुदरा बियर से 600 क्यूसेक पानी की आपूर्ति

कुदरा बियर से दुर्गावती मुख्य नहर में लगभग 600 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है. खरीफ फसल के दौरान 1 जून से 31 अक्टूबर तक किसानों की मांग और आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर जलापूर्ति की जाती है.

किसानों ने 200 क्यूसेक पानी की मांग की

धान की खेती और रोहिणी नक्षत्र में डाले गए बिचड़ों को बचाने के लिए किसानों ने शुरुआती दौर में 200 क्यूसेक पानी कुदरा बियर में छोड़े जाने की मांग की है. बताया जा रहा है कि डैम के फाटक एवं अन्य उपकरणों का मेंटेनेंस कार्य पूरा कर लिया गया है और एक सप्ताह के भीतर जलापूर्ति शुरू होने की संभावना है.

निचले इलाकों के किसानों को नहीं मिल पाता पूरा पानी

आलाडाही के समीप मुख्य नहर की संरचना बदल जाती है और सियापोखर के पास यह दुर्गावती नदी में मिल जाती है. इस कारण निचले क्षेत्र के किसानों को कई बार पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता. वहीं, ऊपरी क्षेत्र के कुछ किसानों द्वारा वितरणियों को रोककर पानी रोकने की शिकायतें भी सामने आती हैं, जिससे कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है.

कर्मनाशा मुख्य नहर से भी होती है सिंचाई

सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मूसाखाड़ बांध से लतीफशाह डैम के माध्यम से कर्मनाशा मुख्य नहर को जल आपूर्ति होती है. इससे लगभग 2,904 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है. इसके अलावा धड़हर लिंक नहर, कुल्हड़िया वितरणी एवं कर्मनाशा लिंक नहर से कुल मिलाकर हजारों हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है.

विभिन्न वितरणियों से व्यापक सिंचाई व्यवस्था

दुर्गावती मुख्य नहर से जुड़ी प्रमुख वितरणियों में कैथियां, उसरी, जीतापुर माइनर, मोहनिया, मरिचां, अधवार-भोखरी, लक्ष्मीपुर, सावठ, बेलहरी एवं छाता माइनर शामिल हैं, जिनके माध्यम से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होती है.

एसडीओ का बयान

इस संबंध में मोहनिया जल संसाधन विभाग के एसडीओ संतोष कुमार चक्रवर्ती ने बताया कि 1 जून से 31 अक्टूबर तक किसानों की मांग के अनुसार कुदरा बियर से दुर्गावती मुख्य नहर में पानी छोड़ा जाता है, जिससे किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.

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Published by: Rajeev Kumar

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