Kaimur News : दुर्गावती जलाशय (करमचट डैम) से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने और जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कैमूर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है. जिला आपदा प्रभारी ने संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर जलस्तर पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है.
दुर्गावती जलाशय से छोड़ा गया 15 से 20 हजार क्यूसेक पानी
प्रशासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, एक सितंबर को दुर्गावती जलाशय से करीब 15 से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. आवश्यकता के अनुसार आगे भी जलाशय से पानी छोड़े जाने की संभावना जतायी गयी है. लगातार बारिश के कारण दुर्गावती नदी समेत जिले की अन्य बरसाती नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की आशंका है.
नदी किनारे और निचले इलाकों के लोगों को किया सतर्क
प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को संभावित खतरे को लेकर समय रहते जानकारी देने और सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया है. स्थानीय स्तर पर विभिन्न माध्यमों से ग्रामीणों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने को कहा गया है.
नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की अपील की है. ग्रामीणों को प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं पर लगातार ध्यान देने को कहा गया है. अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है.
थाना से प्रखंड स्तर तक अधिकारी अलर्ट
जारी पत्र की प्रतिलिपि सभी थानाध्यक्षों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारियों, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को भेजी गयी है. सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
फ्लैश फ्लड की स्थिति से निपटने की तैयारी
प्रशासन का उद्देश्य नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि अथवा फ्लैश फ्लड की स्थिति में जान-माल के नुकसान को रोकना है. अधिकारियों को विशेष रूप से नदी किनारे बसे गांवों की स्थिति पर निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि खतरे की स्थिति उत्पन्न होने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.
