Kaimur News : कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से सैकड़ों एकड़ में लगी धान समेत अन्य फसलें बर्बाद हो गयी हैं. दुर्गावती और कर्मनाशा नदी के उफान पर आने से तटीय इलाकों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. सबसे अधिक नुकसान निपरान और चोगड़ा गांव के किसानों की धान की फसल को हुआ है. किसानों ने सरकार और प्रशासन से फसलों की क्षति का आकलन कर जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है.
निपरान में अब भी पानी में डूबी है धान की फसल
बाढ़ के कारण दुर्गावती और कर्मनाशा नदी के तटीय इलाके के कई गांवों में धान के साथ अरहर, चरी, बाजरा और सब्जियों की फसल भी नष्ट हो गयी है. निपरान गांव में कई खेतों में धान की फसल अभी भी बाढ़ के पानी में डूबी हुई है. वहीं, जिन इलाकों से पानी उतर गया है, वहां फसलें सड़ने लगी हैं. इससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध फैलने लगी है और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है.
करीब एक दर्जन गांवों में फसल को भारी नुकसान
किसानों के अनुसार, दुर्गावती प्रखंड के धनसराय, सरैया, निपरान, कानपुर, ढड़हर, नुआंव, मसौढ़ा, बहेरा डहला, चेहरिया, चोगड़ा और दुर्गावती सहित करीब एक दर्जन गांवों में बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित हुई है. खेतों में करीब चार दिनों तक पानी जमा रहने के कारण धान, चरी, अरहर, बाजरा और सब्जियों की फसल सड़ गयी है.
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हर साल बाढ़ से बर्बाद होती है फसल, मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
स्थानीय किसानों मनोज राजभर, मुखिया राम अवध यादव और पैक्स अध्यक्ष संतोष पाल सहित अन्य ने बताया कि क्षेत्र में हर साल बाढ़ आने से किसानों की फसल बर्बाद होती है. इसके बावजूद किसानों को उनकी क्षति के अनुरूप उचित मुआवजा नहीं मिल पाता है. इस बार भी बाढ़ ने किसानों की मेहनत और पूरी लागत को बर्बाद कर दिया है.
बक्सर सांसद ने भी सरकार से मांगी आर्थिक सहायता
बाढ़ से प्रभावित किसानों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों के साथ बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने भी बिहार सरकार को पत्र भेजा है. उन्होंने कैमूर जिले के बाढ़ग्रस्त इलाकों में फसलों को हुई क्षति के एवज में किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है.
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सर्वे के साथ जमीन पर राहत देने की मांग
किसानों ने सरकार से पीड़ित किसानों को तत्काल मुआवजा देने की अपील की है. उनका कहना है कि प्रशासन केवल सर्वे रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाये. किसानों का कहना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अगली फसल की तैयारी करने में मदद मिलेगी.
फसल बर्बाद होने से बढ़ी किसानों की चिंता
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि अरहर, चरी, बाजरा, सब्जी और धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है. ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. किसानों ने सरकार से जल्द सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि बाढ़ से हुए नुकसान के बाद उन्हें कुछ राहत मिल सके.
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