जाति, आय व दाखिल-खारिज समेत 68 प्रकार के कार्य बाधित, आमजन की बढ़ी मुश्किलें. 17 सूत्री मांगों को लेकर 11 फरवरी से डटे कर्मचारी, एसडीएम से मांगी धरना देने की अनुमति मोहनिया सदर. जिले के सभी अंचलों में पदस्थापित राजस्व हलका कर्मचारी, जो लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, आज यानी बुधवार को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे. इसको लेकर ”बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा” के जिला सचिव पंकज कुमार ने भभुआ सदर एसडीएम को लिखित आवेदन देकर अनुमति की मांग की है. ज्ञात हो कि विगत 11 फरवरी से ही राज्य भर के सभी राजस्व कर्मचारी अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हैं. इन हड़ताली कर्मियों व विभागीय मंत्री व वरीय पदाधिकारियों के बीच कई बार हुई वार्ता असफल रही, जिससे आज तक हड़ताल जारी है. इन कर्मियों के हड़ताल पर जाने से भूमि सहित अनेक प्रकार के 68 कार्य प्रभावित हैं, जिससे आमजन काफी परेशान हैं. इनके हड़ताल पर जाने से जाति, निवास, आय, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, पारिवारिक, 144,163, अनुमंडलीय सूचना, जिला लोक शिकायत, लगान निर्धारण, एग्री सेंसस, आधार सीडिंग, क्राप कटिंग, कोर्ट केस की रिपोर्ट के साथ अन्य रिपोर्ट तैयार करना, परियोजना के तहत एसएच 101 उत्तर कोयल नहर, सोनवर्षा माइनर, एलपीसी रैयती, जमीन का दाखिल खारिज, परिमार्जन, आपदा रिपोर्ट, अतिक्रमण, विवादित सहित अन्य भूमि की मापी, भूमि संबंधित लोगों की समस्याओं को सुनना, उसका समाधान करना, दारु का राज सात का रिपोर्ट देना, जनता दरबार में उपस्थित होना, अभियान बसेरा, एनओसी अभिलेख तैयार करना, नल जल योजनाओं की जांच, विद्यालय जांच, परीक्षा व चुनाव ड्यूटी, ठंडी में अलाव जलवाना, रबी व खरीफ फसल, न्यायालय द्वारा मांगी गयी जांच रिपोर्ट तैयार तैयार करने का काम भी बंद है. सभी त्योहार में मजिस्ट्रेट ड्यूटी, अंचल में प्राप्त आवेदन का जांच प्रतिवेदन सरकार द्वारा समय समय पर प्रारंभ किये जाने वाले युद्ध स्तर पर चलाये जाने वाले अभियान, जैसे, महाअभियान, सम परिवर्तन रिपोर्ट, पंचायत में स्थित नदी, तालाब, पोखर का जांच प्रतिवेदन और गड्ढा होने पर तैराकी संबंधित व्यवस्था का रिपोर्ट देना, लगान वसूली को लेकर जनता को जागरूक करना, बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करना, सामाजिक योजन के अभियान में लगाये जाने वाले कैंप में ड्यूटी करना जैसे आयुष्मान कार्ड बनने में, राशन कार्ड बनने में सहयोग करना, सरकारी भूमि अतिक्रमण संबंधित रिपोर्ट, अतिक्रमण के समय मजिस्ट्रेट ड्यूटी करना, आपदा में रैयत के फसल क्षति की संबंधित रिपोर्ट करना प्रभावित है. वहीं, रैयत द्वारा नये आधार कार्ड बनवाने हेतु दिये गये आवेदन तथा कुछ परिवर्तन पर उनका सत्यापन संबंधित रिपोर्ट, साथ ही 100 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति का आधार वेरीफिकेशन करना, आश्रित प्रमाण पत्र का जांच प्रतिवेदन, स्वतंत्रता सेनानी के पेंशन संबंधित जांच प्रतिवेदन, साथ ही उनके वंशजों द्वारा प्रमाण पत्र बनाने के लिए दिये गये आवेदनों की जांच प्रतिवेदन देना, किसी भी प्रकार के पोस्टर या बैनर लगाने पर उनका जांच प्रतिवेदन, किसी भी छात्र की नौकरी होने पर उनके विभाग से प्राप्त सर्टिफिकेट का सत्यापन संबंधित जांच प्रतिवेदन, क्षेत्रीय स्तर पर लगाये जाने वाले मेले में मजिस्ट्रेट ड्यूटी, सैरात वसूली, मैट्रिक व इंटरमीडिएट के परीक्षा में बार कोडिंग संबंधित कार्यों में ड्यूटी करना, भूमि अधिग्रहण में कार्य करना, भूमि अधिग्रहण के समय सभी रैयतों का ऑफलाइन एलपीसी बनाना, सभी प्रकार के भूमि का पंजी तैयार करना जैसे अनावाद बिहार सरकार पंजी, सर्व साधारण पंजी, भूदान पंजी, बंदोबस्ती पंजी, सैरात पंजी आदि, किसी रैयत द्वारा अपनी निजी भूमि पर सरकारी भवन बनाने के लिए दान में दिये जाने वाले भूमि को राज्यपाल के नाम से रजिस्ट्री के समय गवाह बनना, किसी रैयत द्वारा सरकारी भूमि पर न्यायालय में वाद दायर करने में सरकार की तरफ से सभी कागजात एकत्रित कर अंचलाधिकारी को उपलब्ध करना, हरे वृक्ष काटने पर भूमि तथा काटने वाले व्यक्ति से संबंधित जांच प्रतिवेदन समर्पित करना, मद्यनिषेध द्वारा छापामारी में शराब पकड़ने पर सील किये गये घर का भू- स्वामित्व संबंधित प्रतिवेदन, रजिस्ट्री ऑफिस में रोक सूची से निकलने हेतु जांच प्रतिवेदन तैयार करना सहित अन्य कई कार्य प्रभावित हैं.
राजस्व कर्मियों की हड़ताल से व्यवस्था ठप, आज जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
जाति, आय व दाखिल-खारिज समेत 68 प्रकार के कार्य बाधित, आमजन की बढ़ी मुश्किलें.
