Kaimur News : आठ राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से जुड़े म्यूल बैंक खाते की जांच में साइबर थाना भभुआ की पुलिस ने कूड़ासन गांव निवासी पुनीत तिवारी को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस करेंट अकाउंट के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन हुआ, उसमें करीब 11 माह के दौरान एक करोड़ 40 लाख 38 हजार 939 रुपये जमा हुए, जबकि एक करोड़ 35 लाख 12 हजार 841 रुपये की निकासी की गयी. इस खाते के विरुद्ध एनसीसीआरपी पोर्टल पर झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज मिले हैं. इनमें डिजिटल अरेस्ट से जुड़े चार मामले भी शामिल हैं.
15 मार्च को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
साइबर थाना की डीएसपी नीतू सिंह ने शनिवार देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि म्यूल खाते से संबंधित मामले में 15 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. जांच के दौरान श्याम इंटरप्राइजेज के नाम से एक्सिस बैंक में खोले गये करेंट अकाउंट की जानकारी सामने आयी. यह खाता धीरज सिंह और अखिल कुमार के नाम से संयुक्त रूप से खोला गया था.
खाता खुलवाकर दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेता था
जांच के दौरान खाताधारक से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि उक्त बैंक खाता पुनीत तिवारी ने खुलवाया था. खाता खुलने के बाद पुनीत ने बैंक खाते के साथ चेकबुक, सिमकार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिये. इसके बाद खाते से संबंधित जानकारी साइबर सिंडिकेट के अन्य सदस्यों को उपलब्ध करा दी गयी.
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खाते में जमा हुए 1.40 करोड़ रुपये
पुलिस के अनुसार, करीब 11 माह के दौरान इस करेंट अकाउंट में एक करोड़ 40 लाख 38 हजार 939 रुपये जमा हुए, जबकि एक करोड़ 35 लाख 12 हजार 841 रुपये की निकासी की गयी. पुलिस को आशंका है कि साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन में इस खाते का इस्तेमाल किया गया.
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आठ राज्यों में दर्ज साइबर फ्रॉड से जुड़ा खाता
एनसीसीआरपी पोर्टल पर खाते का सत्यापन करने पर झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में दर्ज साइबर अपराध के मामलों से इसका संबंध सामने आया. इन मामलों में लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी किये जाने की जानकारी मिली है. ठगी की रकम में से लाखों रुपये इस खाते में भेजे गये थे. इनमें डिजिटल अरेस्ट के चार मामले भी शामिल हैं.
साइबर सिंडिकेट के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब बैंक खाते के माध्यम से जुड़े अन्य लोगों और साइबर सिंडिकेट के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. जांच के दौरान खाते के संचालन, रकम के लेन-देन और इससे जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की जानकारी जुटायी जा रही है.
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