Kaimur News : कैमूर के भगवानपुर अंचल कार्यालय में मंगलवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब सीपीआई-एमएल के जिला सचिव हाशीम खान के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सीओ अल्का कुमारी के सरकारी वाहन को करीब आधे घंटे तक रोक दिया. कार्यकर्ता सीओ से अपनी शिकायत सुनने और उसके समाधान की मांग कर रहे थे. इस दौरान अंचल कार्यालय परिसर में फरियादियों की भीड़ जमा हो गयी, जबकि अंचल कर्मी पूरे घटनाक्रम के दौरान मूकदर्शक बने रहे.
सरकारी वाहन में बैठीं रहीं सीओ, कार्यकर्ताओं ने नहीं खुलने दिया गेट
बताया जाता है कि सीपीआई-एमएल के सदस्य सह अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष कतवारु दास समेत कई कार्यकर्ता अंचल कार्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान सीओ अल्का कुमारी कार्यालय से निकलकर सरकारी सूमो में बैठ गयीं. कार्यकर्ताओं ने वाहन को रोक लिया और करीब आधे घंटे तक उन्हें जाने नहीं दिया. वाहन के बाएं तरफ के अगले गेट को भी कार्यकर्ताओं ने बंद नहीं होने दिया.
खीरी मौजा की जमीन को लेकर पहुंचे थे कार्यकर्ता
सीपीआई-एमएल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि खीरी मौजा स्थित सरकारी भूमि के एक हिस्से में उनके द्वारा कुछ मड़ई लगायी गयी थी. आरोप है कि भगवानपुर गांव की मांझी बस्ती के कुछ लोगों ने उसे उखाड़कर फेंक दिया. इसी मामले की शिकायत लेकर कार्यकर्ता अंचल कार्यालय पहुंचे थे. उनका आरोप है कि सीओ ने उनकी शिकायत नहीं सुनी और कार्यालय से निकलकर वाहन में बैठ गयीं.
मोबाइल से वीडियो बना रहे युवक से भी उलझे कर्मी
घटनाक्रम के दौरान अंचल कार्यालय में बड़ी संख्या में फरियादियों की भीड़ जमा हो गयी. इसी बीच पूरे मामले का वीडियो बना रहे एक युवक से एक अंचल कर्मी के उलझने की बात भी सामने आयी. आरोप है कि कर्मी ने युवक का मोबाइल छीनने का प्रयास किया. इससे मौके पर कुछ देर के लिए स्थिति और तनावपूर्ण हो गयी.
पुलिस पहुंची तो खत्म हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
कार्यकर्ताओं के अनुसार, सीओ के वाहन रोके जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गयी. इसके बाद थाने के नए एएसआई साहनी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया. इसके बाद सीओ अपने निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना हो सकीं.
सीओ बोलीं- भारतमाला परियोजना की जांच के लिए निकल रही थीं
मामले में सीओ अल्का कुमारी ने बताया कि वह भारतमाला परियोजना से संबंधित जांच के लिए निकल रही थीं. समय की कमी के कारण उस वक्त फरियादियों की शिकायत नहीं सुन सकीं, जिससे उनमें नाराजगी की स्थिति बनी. उन्होंने कहा कि समय निकालकर फरियादियों की शिकायत सुनी जाएगी और मामले में निष्पक्ष एवं नियमानुकूल कार्रवाई की जायेगी.
