Kaimur News: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीएम) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कैमूर जिला समाहरणालय स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया. कार्यक्रम के समापन पर पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा.
केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर बरसे वक्ता
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्ता के कार्यकाल में गरीबों के आशियानों को उजाड़ने का अभियान तेजी से चल रहा है. नेताओं ने कहा कि पढ़ाई, दवाई और सिंचाई जैसे बुनियादी मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में हजारों सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, किताबों पर 18 फीसदी जीएसटी थोप दी गई है और किसानों पर जबरन बीज विधेयक, बिजली का निजीकरण तथा स्मार्ट मीटर लागू किए जा रहे हैं. इसके साथ ही भूमि सर्वे के नाम पर व्यापक पैमाने पर अवैध वसूली और बढ़ती महंगाई पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया.
सपनौतिया गांव के मुद्दों समेत उठाई गईं ये प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष कई स्थानीय और नीतिगत मांगें रखीं:
- भूमि सुधार: बंदोपाध्याय आयोग की सिफारिशें लागू की जाएं, प्रत्येक भूमिहीन गरीब परिवार को 10-10 डिसमिल जमीन तथा सरकारी जमीन का वासगीत पर्चा दिया जाए.
- सपनौतिया गांव की समस्याएं: सपनौतिया में उजाड़ो अभियान पर तत्काल रोक लगे, सामुदायिक भवन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और गांव में भभुआ शहर का कचरा डंप करने पर रोक लगाई जाए.
- मूलभूत सुविधाएं: हर घर नल का जल योजना के तहत ग्रामीणों को नियमित व शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.
26 नवंबर को दिल्ली घेराव का आह्वान
सभा के दौरान वक्ताओं ने आगामी 26 नवंबर को प्रस्तावित दिल्ली घेराव कार्यक्रम में कैमूर जिले से भारी संख्या में किसानों, मजदूरों और आम जनता के शामिल होने की अपील की. धरने की अध्यक्षता कपिलदेव राम ने की. इस मौके पर जिला मंत्री रंगलाल पासवान, जिला सचिव भीम सिंह, मनोहर राम, ब्रजेश कुमार, रामराज सिंह, ब्रजराज सिंह, सुखवासी देवी, जसोदा देवी, दयाशंकर राम, ललिता देवी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
