Kaimur news : कैमूर (भभुआ) में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कम्युनिटी मेडिएशन (सामुदायिक मध्यस्थता) प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवादों का अदालत पहुंचने से पहले ही शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना और पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित मध्यस्थ तैयार करना है.
15 कम्युनिटी मीडिएटर्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर (भभुआ) के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में चयनित 15 कम्युनिटी मीडिएटर्स ने भाग लिया. कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (BLSA) की योजना के तहत आयोजित किया गया.
मध्यस्थता की तकनीक और एसओपी की दी जानकारी
समापन सत्र में वरिष्ठ मध्यस्थ अधिवक्ता एवं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवींद्र नाथ चौबे ने प्रतिभागियों को नालसा और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की निर्धारित एसओपी के अनुरूप मध्यस्थता की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की व्यावहारिक जानकारी दी.
गांवों में सौहार्द बनाए रखने पर जोर
प्रशिक्षकों ने सभी कम्युनिटी मीडिएटर्स को ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सौहार्द बनाए रखने और छोटे-मोटे विवादों को न्यायालय तक पहुंचने से पहले आपसी सहमति से सुलझाने के लिए प्रेरित किया. इससे न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम करने में भी मदद मिलेगी.
मुकदमा-मुक्त गांव बनाने की दिशा में पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अनुसार प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर दक्ष मध्यस्थ तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली को मजबूत करना है. इससे ग्रामीण भारत को मुकदमा-मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी.
अधिकारियों और न्यायिक कर्मियों की रही मौजूदगी
समापन समारोह में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के प्रशासनिक कर्मी, न्यायिक स्टाफ और सभी प्रतिभागी कम्युनिटी मीडिएटर्स उपस्थित रहे.
