अधिवक्ता की लगातार मांग के बाद भी नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे मोहनिया सदर. अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर में जगह-जगह पर 25 स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरु हो गया है. इन लाइटों के लगने से रात के समय सिविल कोर्ट परिसर स्ट्रीट लाइटों की दूधिया रोशनी से जगमग होगा. लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से न्यायालय परिसर में मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग अधिवक्ताओं की कब पूरी होगी, यह कह पाना अभी मुश्किल है. पूर्व में न्यायालय परिसर के बाहर से मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं सहित राज्य व देश के कई न्यायालय परिसरों में बेखौफ अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े गोलीबारी कर हत्या जैसी जघन्य घटनाओं को अंजाम देने को लेकर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता, ताइद व मुवक्किल भी अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. किसी भी आपराधिक घटनाओं के सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के डर से भी छोटे अपराधों को अंजाम देने में कुछ लोग डरते है. अधिवक्ताओं का मानना है कि सीसीटीवी कैमरे यदि मुख्य स्थानों पर लगा दिया जाता, तो मोटरसाइकिल चोरी सहित किसी भी तरह की घटित घटना कैमरे में कैद हो जाती. इससे आसानी से पुलिस अपराधियों तक पहुंच जाती, सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों का लगाया जाना काफी आवश्यक है. न्यायालय परिसर में आने जाने वाले सभी तरह के लोगों की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है.
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