कृषि मॉडल सेंटर को मिले आधुनिक यंत्र, किसान देख सकते हैं कार्यप्रणाली
KAIMUR NEWS. जिला मुख्यालय स्थित कृषि मॉडल सेंटर को विभिन्न प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र सरकार स्तर से उपलब्ध कराये गये हैं. इन यंत्रों का उपयोग कृषि विभाग के विभिन्न फार्मों पर की जा रही खेती में किया जायेगा. इच्छुक किसान मॉडल सेंटर पर आकर इन यंत्रों की कार्यप्रणाली, लागत व लाभ की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
जिला मुख्यालय स्थित कृषि मॉडल सेंटर को विभिन्न प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र सरकार स्तर से उपलब्ध कराये गये हैं. इन यंत्रों का उपयोग कृषि विभाग के विभिन्न फार्मों पर की जा रही खेती में किया जायेगा. इच्छुक किसान मॉडल सेंटर पर आकर इन यंत्रों की कार्यप्रणाली, लागत व लाभ की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. गौरतलब है कि कृषि विभाग के फार्म भभुआ अनुमंडल के भभुआ, चांद व रामपुर अंचल और मोहनिया अनुमंडल के मोहनिया, दुर्गावती, रामगढ़ व मुठानी अंचल में संचालित हैं. इन फार्मों पर रबी व खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की खेती की जाती है. जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि मॉडल सेंटर के लिए रोटावेटर, सुपर सीडर, लेजर लैंड लेवलर, स्ट्रा रीपर, जीरो टिलेज व हाय रैक जैसे कृषि यंत्र मंगाये गये हैं. इनका उपयोग उन्नत खेती के लिए किया जायेगा.उन्होंने बताया कि रोटावेटर बहुउद्देशीय यंत्र है, जिसका उपयोग जुताई व मिट्टी को भुरभुरा बनाने में किया जाता है. सुपर सीडर धान कटाई के बाद पराली को मिट्टी में मिलाकर बिना जुताई सीधे गेहूं की बुआई में सहायक है. लेजर लैंड लेवलर भूमि को समतल करता है, जीरो टिलेज मशीन बुआई में उपयोगी है, स्ट्रा रीपर भूसा बनाने में और हाय रैक मशीन घास इकट्ठा करने व पुआल सुखाने में प्रयुक्त होती है. वर्तमान समय में खेती आमदनी का बड़ा जरिया बन चुकी है. हालांकि बढ़ती मजदूरी लागत के कारण किसान आधुनिक कृषि यंत्रों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. इन यंत्रों से कम समय व कम लागत में जुताई, बुआई, कटनी, दौनी व ओसावन जैसे कार्य संभव हो पा रहे हैं. आर्थिक तंगी के कारण महंगे यंत्र नहीं खरीद पाने वाले किसानों को सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन व राज्य कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत अनुदान पर यंत्र उपलब्ध कराये जाते हैं.
किसानों के लिए खुलेंगे 24 कस्टम हायरिंग सेंटर
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 24 कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाने हैं. स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर में 20 लाख रुपये लागत वाले कृषि यंत्रों पर 12 लाख रुपये का अनुदान दिया जायेगा. वहीं सामान्य कस्टम हायरिंग सेंटर में 10 लाख रुपये लागत वाले यंत्रों पर चार लाख रुपये का अनुदान मिलेगा.इन केंद्रों से किसान ट्रैक्टर, स्ट्रा रीपर, जीरो टिलेज, सुपर सीडर, हल आदि कृषि यंत्र निर्धारित सरकारी दर पर किराये से लेकर खेती कर सकेंगे. यदि किसी हायरिंग सेंटर द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूला गया, तो शिकायत मिलने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध कार्रवाई कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जायेगा.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.