नगर पर्षद की लापरवाही. कहीं अंधेरा, तो कहीं दिन के उजाले में जल रही हैं स्ट्रीट लाइट्स भभुआ सदर. शहर को स्वच्छ रखने के लिए नगर प्रशासन की ओर से कई परियोजनाएं हाथ में ली गयी हैं व उन पर काम भी हो रहा है, लेकिन सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट्स को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है. शहर की कई सड़कों की स्ट्रीट लाइट्स फिलहाल मरम्मत के अभाव में खराब हैं, लेकिन नगर पर्षद इस समस्या से अनजान बना हुआ है. शहर की मुख्य सड़कों पर जब स्ट्रीट लाइट्स लगी थीं, तो शाम होते ही शहर रोशन हो जाता था, लेकिन कुछ समय बाद ही आधे से अधिक लाइट्स खराब होने लगीं. अब शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा पसरा रहता है. नगर पर्षद इन लाइट्स की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दे रहा है. शहर की मुख्य सड़क डीएम आवास से पटेल चौक, अटल बिहारी हाईस्कूल से एकता चौक, एकता चौक से बस स्टैंड, जयप्रकाश चौक से हवाईअड्डा तक व एकता चौक से पूरब पोखरा तक एलइडी स्ट्रीट लाइट्स लगायी गयी थीं. फिलहाल मुख्य सड़क पर लगी अधिकतर लाइट्स खराब हैं. शहर की मुख्य सड़कों के साथ ही मुहल्लों में भी लगी अधिकतर स्ट्रीट लाइट्स खराब पड़ी हैं, जिस कारण शाम को कई मुहल्ले अंधेरे में डूब जाते हैं. इसके चलते कई बार अंधेरे में चलते हुए राहगीर गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं. # सरकारी विभागों की बदइंतजामी से विद्युत की बर्बादी # सरकारी की ओर से विज्ञापनों के माध्यम से लोगों से व्यर्थ बिजली नहीं जलाने की अपील की रही हैं, ताकि आमजनों तक 24 घंटे बिजली आसानी से पहुंच सके. दूसरी ओर नगर पर्षद व सदर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें इन प्रयासों से कोई लेना-देना नहीं है. दिन हो या रात, इन स्थानों पर 24 घंटे लाइट्स जलती रहती हैं. नगर पर्षद क्षेत्र के अंतर्गत एकता चौक, स्टेडियम रोड, सदर अस्पताल के समीप व पुराना चौक पर दिन के उजाले में भी बिजली की बर्बादी हो रही है. शहरवासियों का कहना है कि यदि सभी स्ट्रीट लाइटों में लाइट सेंसर किट का प्रयोग कर दिया जाये, तो बेवजह की बिजली व पैसे की बर्बादी को रोका जा सकता है. लेकिन व्यर्थ जल रही बिजली पर न तो नगर पर्षद का ध्यान है व न ही स्वास्थ्य विभाग का.
मरम्मत के अभाव में खराब पड़ीं शहर की लाइटें, मुख्य सड़कों व मुहल्लों में पसरा अंधेरा
नगर पर्षद की लापरवाही. कहीं अंधेरा, तो कहीं दिन के उजाले में जल रही हैं स्ट्रीट लाइट्स
