Kaimur News : बाल श्रम पर रोक लगाने को लेकर बुधवार को मोहनियां प्रखंड में श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी अभियान चलाया. श्रम अधीक्षक राजीव रंजन निखर द्वारा गठित फ्लाइंग स्क्वायड ने बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 के तहत कई दुकानों और प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया. इस दौरान मुठानी में एनएच-19 के दक्षिण स्थित अन्नपूर्णा फैमिली रेस्टोरेंट होटल में एक बाल श्रमिक काम करता मिला. टीम ने तत्काल उसे मुक्त कराया.
होटल में काम करता मिला बाल श्रमिक
छापेमारी के दौरान अन्नपूर्णा फैमिली रेस्टोरेंट में बाल श्रमिक के काम करने की जानकारी सामने आयी. इसके बाद धावा दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल श्रमिक को प्रतिष्ठान से मुक्त कराया. बताया गया कि मुक्त कराया गया बाल श्रमिक कैमूर जिले के मोहनियां प्रखंड का ही रहने वाला है.
बाल कल्याण समिति को सौंपा गया
बाल श्रमिक को मुक्त कराने के बाद नियमानुसार दादर स्थित बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया. वहीं, बाल श्रमिक से काम कराने के मामले में प्रतिष्ठान के नियोजक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है.
श्रम कानून के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान
बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का काम करवाना तथा 14 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों से जोखिम वाले कार्य करवाना संज्ञेय अपराध है. इसके लिए दो वर्ष तक के कारावास और 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
छापेमारी अभियान का नेतृत्व मोहनियां प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रकाश कुमार और मोहनियां पुलिस ने संयुक्त रूप से किया. धावा दल में दुर्गावती प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजितेश कुमार तिवारी, अभिमन्यु कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी शामिल रहे. टीम ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच कर बाल श्रम की स्थिति का जायजा लिया.
