अस्पताल प्रबंधक समेत दो पर हरे पेड़ कटवाने का मामला, केस हुए तीन माह बीते, अब तक कार्रवाई नहीं

Kaimur News : फरवरी माह में अनुमंडल अस्पताल परिसर में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के दो हरे-भरे शीशम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया था.

Kaimur News : (विनोद कुमार की रिपोर्ट)

स्थानीय अनुमंडल अस्पताल परिसर में बिना अनुमति हरे-भरे शीशम के पेड़ कटवाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुए तीन माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक आरोपितों के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है. इस मामले में अनुमंडल अस्पताल के प्रबंधक समेत दो लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज है, बावजूद इसके जांच प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो पाई है.

जानकारी के अनुसार, फरवरी माह में अनुमंडल अस्पताल परिसर में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के दो हरे-भरे शीशम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया था. समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई.

मामले में मोहनियां के तत्कालीन रेंजर संतोष कुमार के आवेदन पर वन थाना, भभुआ में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. प्राथमिकी में अनुमंडल अस्पताल के प्रबंधक विशाल पासवान तथा पेड़ काटने वाले मिस्त्री राजेश शर्मा को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. इसके अलावा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया था.

जांच में पेड़ कटाई की हुई थी पुष्टि

जांच के दौरान वनपाल राकेश कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया था, जिसमें पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई थी. टीम ने मौके से पेड़ काटने में प्रयुक्त मशीन तथा लकड़ी भी जब्त की थी.

पूछताछ के दौरान अस्पताल प्रबंधक द्वारा पेड़ काटने वाले मिस्त्री के रूप में राजेश शर्मा का नाम बताया गया था. उसकी निशानदेही पर बेलौड़ी स्थित एक गुड़ फैक्ट्री के समीप से कटी हुई लकड़ियां भी बरामद की गई थीं.

विभाग ने जांच कर कार्रवाई की बात कही थी

वन विभाग की प्रारंभिक जांच में अस्पताल प्रबंधक और मिस्त्री की संलिप्तता प्रथम दृष्टया सामने आने के बाद दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. विभाग ने उस समय कहा था कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

हालांकि, तीन माह बीत जाने के बावजूद न तो जांच पूरी हो सकी है और न ही किसी प्रकार की आगे की कार्रवाई सामने आई है.

जांच की सुस्त रफ्तार पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार का मामला किसी आम नागरिक से जुड़ा होता तो अब तक कार्रवाई हो चुकी होती. लेकिन मामला सरकारी विभाग से जुड़ा होने के कारण जांच को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा जा रहा है. जांच की सुस्त रफ्तार से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

गौरतलब है कि अनुमंडल अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण स्थल के पीछे खड़े दो शीशम के हरे-भरे पेड़ों को बिना अनुमति काट दिया गया था, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया और वन विभाग ने कार्रवाई शुरू की थी.

क्या कहते हैं मोहनियां रेंजर

इस संबंध में मोहनियां रेंजर संतोष कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच फॉरेस्टर को सौंपी गई है. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Rajeev Kumar

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