Bihar Land Survey: भूमि सर्वे में इस कारण लोग हो रहे सबसे ज्यादा परेशान, कार्यालय का चक्कर काट रहे लोग

Bihar Land Survey: अंचल कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अपने भूमि संबंधित विभिन्न कार्यों को लेकर प्रखंड के सूदूरवर्ती क्षेत्रों से अंचल कार्यालय पहुंचने वाले तमाम ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है.

Bihar Land Survey: आज जब भूमि सर्वेक्षण परवान पर है, ऐसे समय में जिले के लगभग सभी अंचलों के राजस्व व हलका कर्मचारियों के सामूहिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. विगत चार अक्तूबर को चांद अंचल के राजस्व कर्मी सुजीत कुमार के साथ कुछ ग्रामीणों द्वारा की गयी मारपीट की घटना को लेकर सभी अंचलों के राजस्व कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. सभी कर्मी मारपीट के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं.

सबसे अहम बात क्या

इस घटना के दिन ही इस मामले में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज की गयी है. वहीं, अंचल कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अपने भूमि संबंधित विभिन्न कार्यों को लेकर प्रखंड के सूदूरवर्ती क्षेत्रों से अंचल कार्यालय पहुंचने वाले तमाम ग्रामीणों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जो लोगों के लिए काफी कष्टकारी है. हालांकि, ऐसा नही है कि इस घटना से पूर्व लोगों को अपने भूमि संबंधित अभिलेखों में त्रुटियों में सुधार कराने को लेकर पापड़ नहीं बेलना पड़ रहा था. सबसे अहम बात तो यह है कि जमाबंदी रैयतों के नाम, रैयत के पिता, पति का नाम, उनकी भूमि का खाता, खेसरा, रकबा सहित कई अन्य मामलों में भूमि का रिकार्ड ऑनलाइन अपलोड करते समय अंचल कर्मियों द्वारा भारी लापरवाही बरती गयी, जिसका नतीजा है कि आज जब भूमि सर्वे की कवायद तेज हुई और सर्वेक्षण का कार्य परवान चढ़ा, तो लोग अपनी भूमि से जुड़े सभी कागजातों की जांच कराने और उनमें ऑनलाइन करने के दौरान आयी खामियों को दूर करवाने के लिए अभिलेखागार से लेकर अंचल कर्मियों के कार्यालय तक का चक्कर काट रहे हैं.

अनावश्यक दौड़ा रहे

कुछ कर्मी तो लोगों की परेशानियों को समझ रहें हैं और जितना उनके अधिकार क्षेत्र में है लोगों की सहायता भी कर रहे हैं, लेकिन कुछ कर्मी ऐसे भी हैं जो लोगों की समस्याओं का समाधान करने, उसका विकल्प बताने की बजाय लोगों को अनावश्यक दौड़ा रहे हैं, जिसका परिणाम है कि लोग आक्रोशित हो जा रहे हैं और मामला झगड़ा, लड़ाई तक पहुंच जा रहा है. हालांकि, विवाद किसी समस्या का हल नहीं है, सभी को मिलकर ही समस्याओं का समाधान करना होगा.

आइये जानते है लोगों की परेशानी

  • अंचल कर्मियों के कार्यालय पहुंचे सदासपुर के सीताराम ने कहा कि जमीन का खाता, प्लाट गड़बड़ा गया है, जिसका सुधार करवाने के लिए कई दिनों से कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. जबकि, सही बात कोई नहीं बता रहा है कि हम क्या करें. आज जब कार्यालय आये तो पता चला सभी हलका कर्मचारी हड़ताल पर हैं.
  • भिरखीरा के सियाराम ने कहा कि कई दिनों से किराया-भाड़ा खर्च कर हलका कर्मचारी के पास दौड़ लगा रहे हैं, पहले कहा गया कि परिमार्जन के लिए आनलाइन करो. आनलाइन किये कई दिन बीत गये, जब ऑनलाइन करने वाले के पास जाते हैं तो वह चेक करके कहता है कि अभी कर्मचारी के लागिन में पड़ा है, अब कर्मचारी के यहां चक्कर काट रहे हैं, जो कभी मिलते ही नहीं. अगर कभी मिलते भी हैं तो स्पष्ट रूप से कुछ बताते नहीं हैं, आज आये तो पता चला भभुआ में सभी हड़ताल पर हैं.
  • नगर पंचायत के रहने वाले राकेश कुमार कहते है कि हमको ओबीसी बनवाना है. एनटीपीसी का फाॅर्म भरना है. फाॅर्म भरने की अंतिम तिथि 13 अक्तूबर है. कर्मचारी से रिपोर्ट लगवानी है, लेकिन पता चल रहा है कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं. ऐसा लगता है कि ओबीसी प्रमाणपत्र समय पर नहीं बन पायेगा

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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