Bihar Land Survey: मौखिक रूप से बंटी भूमि का क्या होगा? जानिए किसके नाम होगी जमीन

Bihar Land Survey: बिहार में चल रहे जमीन सर्वे को लेकर रैयतों के मन में कई तरह के सवाल हैं. जिनमें से एक यह भी है कि अगर उनकी जमीन का मौखिक बंटवारा हुआ है और उसके कागजात नहीं है तो क्या होगा.

Bihar Land Survey: बिहार में इन दिनों चल रहा भूमि सर्वेक्षण राज्य में भूमि विवादों को सुलझाने का एक सराहनीय प्रयास है, लेकिन अंचल कार्यालय में किसानों की भागदौड़ और लापरवाही के कारण यह प्रयास परेशानी का सबब बनता जा रहा है. आम लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से परंपरा रही है कि पारिवारिक आपसी विश्वास के कारण कई बंटवारा पीढ़ियों से मौखिक रूप से होता आ रहा है. अधूरे दस्तावेजों को पूरा करने में अंचल कार्यालय की अहम भूमिका होती है. अंचल कार्यालय की लापरवाही और उदासीनता के कारण न तो किसानों को अपेक्षित मदद मिल पा रही है और न ही कर्मचारी किसानों की मदद करने में कोई गंभीरता दिखा रहे हैं.

किसान हो रहे हलकान

यह स्थिति सिर्फ कुदरा अंचल की ही नहीं बल्कि पूरे कैमूर जिले में प्रतिदिन देखने व सुनने को मिल रही है. बहरहाल मामला चाहे परिमार्जन का हो, जमाबंदी में सुधार का या इससे जुड़े कई अन्य मामले, किसान अंचल कार्यालय या संबंधित कर्मियों के पास दौड़ते-दौड़ते हलकान रहे हैं. वहीं, मौके की तलाश में अभिकर्ता भी किसानों को और उलझाने में लगे हैं. जबकि, पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधि भी उक्त समस्या को लेकर असफल साबित हो रहे हैं.

क्या मौखिक बंटवारा मान्य होगा?

अगर आपकी जमीन का भी मौखिक बंटवारा हुआ है और आपके पास इसका कोई कागजात नहीं है. तो सर्वेक्षण के दौरान आपको पेशानी हो सकती है. सर्वेक्षण करने वाले अधिकारी सिर्फ जमीन के कागजात देखेंगे, मौखिक बंटवारे को नहीं मानेंगे.

मौखिक बंटवारे वाली जमीन का क्या होगा ?

अगर चार भाइयों ने मौखिक रूप से संपत्ति का बंटवारा कर लिया है तो सर्वे अधिकारी बंटवारा स्वीकार नहीं करेगा और चारों भाइयों के नाम पर जमीन हस्तांतरित कर देगा. इसलिए जरूरी है कि सभी जमीनों के लिखित दस्तावेज हों, नहीं तो सारी जमीन चारों भाइयों के नाम पर हस्तांतरित हो जाएगी. अगर किसी भाई ने जमीन बेच भी दे हो तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा. पिता के नाम पर लिखित सारी जमीन सभीभाइयों के नाम पर हस्तांतरित हो जाएगी.

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अंचलाधिकारी अंकिता सिंह ने बताया कि भूमि सर्वे संबंधी दस्तावेज के लिए अंचल कार्यालय के पास 10 काउंटर लोगों की समस्या को लेकर खोले गये है. सभी काउंटर पर कर्मी भूमि संबंधी समस्या के समाधान के लिए मुस्तैद हैं. किसी को दस्तावेज संबंधी दिक्कत नहीं होगी. उन्होंने बताया कि किसी रैयत को भूमि सर्वे से घबराने की जरूरत नहीं है जमीन का कोई भी कागजात यानी रसीद व रजिस्ट्री पेपर सर्वे के लिए काफी है.

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लेखक के बारे में

By Anand Shekhar

Dedicated digital media journalist with more than 2 years of experience in Bihar. Started journey of journalism from Prabhat Khabar and currently working as Content Writer.

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