स्वास्थ्य विभाग का एक्शन: कैमूर में 8 डॉक्टरों पर गिरी गाज, स्पष्टीकरण के साथ वेतन कटौती का निर्देश

Bihar News: कैमूर के अस्पताल में अप्रैल 2026 के दौरान 250 से कम ओपीडी करने वाले 8 डॉक्टरों और एक नेत्र सहायक से जवाब-तलब किया गया है. सिविल सर्जन के निर्देश पर उपाधीक्षक ने संबंधित कर्मियों के मई माह के वेतन से पांच दिनों की कटौती करने का आदेश जारी किया है. वहीं, अप्रैल माह में सबसे अधिक मरीज देखने वाले डॉक्टरों की सूची भी जारी की गई है.

Bihar News:(विनोद कुमार सिंह) कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. अप्रैल 2026 के दौरान 250 से कम ऑनलाइन ओपीडी करने वाले 8 डॉक्टरों और एक नेत्र सहायक से स्पष्टीकरण मांगा गया है. साथ ही उनके मई 2026 के वेतन से पांच दिनों की कटौती करने का निर्देश भी जारी किया गया है.

जानकारी के अनुसार, कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक द्वारा 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा किए गए ऑनलाइन ओपीडी कार्यों की समीक्षा की गई. समीक्षा में पाया गया कि कई डॉक्टरों की ओपीडी संख्या निर्धारित मानक से काफी कम रही. इसे चिकित्सकीय कार्य व्यवस्था के प्रतिकूल माना गया.

24 घंटे में मांगा गया स्पष्टीकरण

सिविल सर्जन के निर्देश के बाद मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक ने 19 मई 2026 को संबंधित चिकित्सकों को पत्र जारी किया। पत्र में 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. जारी आदेश में कहा गया है कि कम ओपीडी संख्या यह दर्शाती है कि संबंधित डॉक्टर अपने कार्य के प्रति अपेक्षित जिम्मेदारी और रुचि नहीं दिखा रहे हैं. इसके साथ ही संबंधित लेखा लिपिक और एफआरयू लेखापाल को निर्देश दिया गया कि मई 2026 के वेतन से पांच दिनों की कटौती सुनिश्चित की जाए.

इन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा गया जवाब

जिन डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें डॉ. अमित कुमार तिवारी, डॉ. शिवांगी सिंह, डॉ. मोहम्मद आरिफ अनवर, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. अन्नू कुमारी, डॉ. अभय कुमार, डॉ. कनक लता कुमारी तथा नेत्र सहायक लव कुश कुमार शामिल हैं. इनमें कुछ चिकित्सक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहुआरा और बम्हौर में पदस्थापित हैं.

अप्रैल माह में डॉ. सुशील कुमार ने देखे सबसे अधिक मरीज

अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में सबसे अधिक मरीजों का इलाज आयुष चिकित्सक डॉ. सुशील कुमार ने किया. उन्होंने कुल 749 मरीजों को परामर्श दिया. उनका औसत प्रथम ओपीडी समय सुबह 8:27 बजे दर्ज किया गया, जबकि मरीजों की औसत प्रतीक्षा अवधि 32 मिनट रही.

दूसरे स्थान पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विजय सिंह रहे, जिन्होंने 672 मरीजों का इलाज किया. उनका औसत ओपीडी प्रारंभ समय सुबह 9:25 बजे तथा मरीजों की औसत प्रतीक्षा अवधि 53 मिनट रही. वहीं, डॉ. अंबर ने 642 मरीजों को परामर्श देकर तीसरा स्थान प्राप्त किया. इसके अलावा डॉ. मलय मारुति मिश्रा ने 614, डॉ. विंध्याचल सिंह ने 539, डॉ. एकता रानी ने 537, डॉ. प्रेम सिंह ने 396 और डॉ. अब्दुल हमीद ने 395 मरीजों का इलाज किया.

कम ओपीडी करने वालों की सूची में कई डॉक्टर शामिल

अस्पताल की सूची के अनुसार, डॉ. प्रदीप कुमार प्रभाकर ने 346, डॉ. प्रदीप कुमार ने 317 और डॉ. अरुण सिंह ने 284 मरीजों का इलाज किया. वहीं, डॉ. कनक लता कुमारी ने 248, डॉ. अभय कुमार ने 247, डॉ. अन्नू कुमारी ने 228, लव कुश कुमार ने 207, डॉ. मनीष कुमार ने 202, डॉ. मोहम्मद आरिफ अनवर ने 168, डॉ. दीपक राम ने 81, डॉ. शिवांगी सिंह ने 31 और डॉ. अमित कुमार तिवारी ने मात्र 2 मरीजों का इलाज किया.

क्या बोले कैमूर के सिविल सर्जन

इस मामले में कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने कहा कि 250 से कम ओपीडी करने वाले डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने बताया कि अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है.

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Published by: Ragini Sharma

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