Bihar Crime News: कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव में हुए चारहरे हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, इस ब्लाइंड केस की गुत्थी एक मिस कॉल से सुलझी. घटना के लगभग एक सप्ताह बाद भी पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था। इसी दौरान 14 मई की रात रामगढ़ थाना के सरकारी मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लगातार दो मिस कॉल आए. पहले पुलिस ने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन दोबारा कॉल आने पर संदेह हुआ. जब पुलिस ने उस नंबर पर संपर्क किया तो कॉल करने वाले ने खुद को डहरक गांव निवासी विकास गुप्ता बताया और कहा कि उसके भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता से कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. यही सूचना पुलिस के लिए पहला बड़ा सुराग साबित हुई.
फेसबुक फोटो और शर्ट से हुई पहचान
विकास गुप्ता की सूचना के बाद पुलिस डहरक गांव पहुंची, जहां कृष्ण मुरारी गुप्ता का घर बंद मिला। जांच के दौरान पुलिस ने बरामद शव के कपड़ों का मिलान कृष्ण मुरारी के फेसबुक फोटो से किया. पुलिस ने पाया कि मृतक फेसबुक पर कई तस्वीरों में वही शर्ट पहने हुए था, जो शव के साथ बरामद हुई थी. इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया कि बरामद शव कृष्ण मुरारी गुप्ता और उसके परिवार का ही है.
महाराष्ट्र से बुलाकर किया गिरफ्तार
पुलिस ने विकास गुप्ता को शव की पहचान के बहाने महाराष्ट्र से रामगढ़ बुलाया. इसी दौरान पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली, जिसमें पता चला कि वह घटना के समय गांव में मौजूद था और बाद में महाराष्ट्र चला गया.
पुलिस को उस पर शक गहरा गया। जब वह ट्रेन से रामगढ़ लौट रहा था, तभी पुलिस ने लोकेशन के आधार पर उसे रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में पहले उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के बाद उसने पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया.
भाई ने ही परिवार को उतारा मौत के घाट
पुलिस के अनुसार, विकास गुप्ता ने अपने साथी दीपक राजपूत और भाई गौतम गुप्ता के साथ मिलकर पहले कृष्ण मुरारी गुप्ता की कुल्हाड़ी से हत्या की.इसके बाद मृतक की पत्नी दुर्गेश कुमारी ने शोर मचाने की कोशिश की, तो उसकी भी हत्या कर दी गई. बाद में स्कूल से लौटे दोनों बच्चों की भी हत्या कर दी गई, ताकि घटना का कोई गवाह न बच सके. पूछताछ में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद चारों शव घर में ही रख दिए गए थे। इसी दौरान विकास गुप्ता अपने भाई सुभाष की पत्नी को उसके मायके छोड़ने भी गया था.
नई नवेली दुल्हनों के सामने हुआ मौत का तांडव
पुलिस जांच में सामने आया कि विकास गुप्ता और उसके भाई सुभाष की शादी इसी वर्ष मार्च महीने में हुई थी। दोनों की पत्नियां नाबालिग बताई जा रही हैं. घटना के दौरान दोनों महिलाओं ने घर में हुए इस खौफनाक हत्याकांड को अपनी आंखों से देखा, लेकिन डर के कारण किसी को कुछ नहीं बताया. आरोप है कि विकास ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी थी.
इलाके में सनसनी, पुलिस कर रही आगे की जांच
इस हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मामले में कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और अन्य आरोपितों की तलाश में छापेमारी जारी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है.
Also Read:स्थायी समिति गठन को लेकर रोहतास में राजनीतिक हलचल तेज, पहली बार मतदान से होगा चुनाव
