# पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 45 के अंतर्गत त्यागपत्र स्वीकृत # प्रमुख प्रतिनिधि बोले प्रमुख ने इस्तीफा की मंजूरी पर नहीं लिया है कोई निर्णय प्रमुख व उनके पति पर लगाया जान-माल की असुरक्षा का गंभीर आरोप # प्रभात एक्सक्लूसिव # मोहनिया सदर. पंचायत चुनाव 2021 में भोखरी भाग दो से निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य रामटहल सिंह ने प्रमुख पुनीता देवी और उनके पति राजेश प्रसाद गुप्ता की प्रताड़ना से तंग आकर और अपनी जान माल असुरक्षित होने का लिखित गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अपने पद से इस्तीफा देने से संबंधित त्यागपत्र रामटहल सिंह ने प्रमुख सहित कई वरीय पदाधिकारियों को दिया है, सभी अधिकारियों ने उनके त्यागपत्र पर अंतिम निर्णय देने के लिए प्रमुख को अधिकृत बताया. इसके बाद रामटहल सिंह ने विगत 25 फरवरी को अपना आरोप भरा त्यागपत्र प्रमुख पुनीता देवी को सौंप दिया है. हालांकि, प्रमुख प्रतिनिधि सह पति राजेश प्रसाद गुप्ता द्वारा रामटहल सिंह के त्यागपत्र पर कोई भी निर्णय लेने से स्पष्ट तौर पर इनकार किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, यदि हम बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 45 का अवलोकन करे, तो उसमें स्पष्ट किया गया है कि कोई भी निर्वाचित पंचायत समिति सदस्य अपने पद से त्यागपत्र प्रमुख को दे सकता है. पद त्याग से संबंधित प्रमुख को दिया गया आवेदन सात दिनों के बाद स्वत: ही स्वीकृत मान लिया जायेगा. बशर्ते संबंधित आवेदक द्वारा उक्त अवधि के बीच प्रमुख को संबोधित करते हुए लिखित रूप से अपना दिया गया त्यागपत्र वापस नहीं लिया जाये. इस नियम के अंतर्गत रामटहल सिंह ने विगत 25 फरवरी 2026 को अपने पद त्याग से संबंधित स्वलिखित आवेदन प्रमुख को दिया और उसके बाद अपना त्यागपत्र वापस लेने के लिए कोई लिखित आवेदन प्रमुख को नहीं दिया है, इसलिए बिहार पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 45 के अंतर्गत रामटहल सिंह का त्यागपत्र स्वीकृत माना जायेगा. भोखरी भाग दो से पंचायत समिति सदस्य का पद रिक्त हो गया है. हालांकि, पंचायत चुनाव 2026 की अधिसूचना जारी होने में कुछ ही माह शेष बचे हैं, ऐसे में भोखरी भाग दो में पंचायत समिति सदस्य के रिक्त पद के विरुद्ध मध्यावधि चुनाव भी नहीं कराया जा सकता. # प्रमुख व रामटहल सिंह के बीच अपनों ने बढ़ायी दूरी पंचायत चुनाव 2021 में निर्वाचित होने और 31 दिसम्बर 2021 को पद व गोपनीयता की शपथ लेने के बाद प्रमुख पुनीता देवी उनके पति राजेश प्रसाद गुप्ता व उप प्रमुख रहे रामटहल सिंह के बीच लंबे समय तक एक पारिवारिक संबंध रहा. जानकार बताते हैं कि प्रमुख प्रतिनिधि व उप प्रमुख ने कंधे से कंधा मिलाकर कई विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना शुरु किया, जो उस समय प्रखंड स्तरीय अधिकांश अधिकारियों व कर्मियों को रास नहीं आया. फिर शुरु हुआ प्रमुख व उप प्रमुख के बीच दरार डालने का राजनीतिक खेल, जिसे न तो प्रमुख प्रतिनिधि समझ पाये और न ही रामटहल सिंह. लालच देकर निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों को प्रमुख व उप प्रमुख के खिलाफ भड़काया जाने लगा, स्थिति यह हो गयी कि दो वर्ष कार्यकाल पूरा होते-होते पूरी तरह मनमुटाव हो गया. बीडीसी भी दो खेमे में बंट गये. आखिरकार गलत लोगों की कूटनीतिक चाल सफल हो गयी और प्रमुख व रामटहल सिंह के बीच दूरी इतनी बढ़ गयी कि वह कभी नहीं भरने वाली खाईं का रूप ले लिया. इसका नतीजा यह हुआ कि दोनों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जिसमें पुनीता देवी तो अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहीं, लेकिन रामटहल सिंह को उप प्रमुख की कुर्सी से हाथ धोना पड़ा. इसके बाद योजनाओं के वितरण में असमानता को लेकर खूब तकरार हुआ. आज भी कागजी लड़ाई परवान पर है. प्रमुख व रामटहल के बीच उपजे मनमुटाव में कुछ पंचायत समिति सदस्यों ने आग में घी डालने का काम किया और आज रामटहल सिंह को अपने पद से इस्तीफा तक देना पड़ गया. # क्या कहते हैं रामटहल सिंह इस संबंध में पूछे जाने पर रामटहल सिंह ने कहा कि हमने अपने पद से त्यागपत्र 25 फरवरी को ही प्रमुख को सौंप दिया है और अपना आवेदन वापस नहीं लिया है, नियम के अनुसार मेरा त्यागपत्र स्वीकृत हो गया है. मैं अपने पद से त्यागपत्र समय रहते नहीं देता, तो प्रमुख व उनके पति हमारी हत्या कर व करवा देते या हमें गंभीर प्रकृति के झूठे केस में फंसा देते. कई बार हमारे खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर झूठा आवेदन भी थाने में दिलवाया गया. लेकिन, हर बार पुलिस पूछताछ में हम निर्दोष पाये गये. हमारे पंचायत का विकास अवरुद्ध कर दिया है. हम इस्तीफा नहीं देते तो क्या करते. # बोले प्रमुख प्रतिनिधि इस संबंध में प्रमुख पुनीता देवी के प्रतिनिधि सह पति राजेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि प्रमुख द्वारा रामटहल सिंह के त्यागपत्र पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. त्यागपत्र वाले आवेदन में उनके द्वारा जो भी गंभीर आरोप लगाये गये हैं, सब बेबुनियाद हैं. मुझे इस बात का बहुत दुख है कि आपसी गलतफहमियों का शिकार होकर मेरे एक साथी ने त्यागपत्र दिया है, जिससे मेरा एक अंग कमजोर हो गया है.
भोखरी भाग दो के बीडीसी ने दिया इस्तीफा, पद हुआ रिक्त
पंचायत राज अधिनियम 2006 की धारा 45 के अंतर्गत त्यागपत्र स्वीकृत
