kaimur News : कैमूर जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है. भभुआ सदर अस्पताल में अत्याधुनिक 6 बेड का आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) पूरी तरह तैयार हो गया है. बुधवार को जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह इसका उद्घाटन करेंगे. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईसीयू शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों को जिले में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा और बाहर रेफर करने की जरूरत काफी हद तक कम होगी.
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है नया ICU
सदर अस्पताल के तीसरे तल पर तैयार किए गए आईसीयू में आधुनिक चिकित्सा उपकरण, ऑक्सीजन सपोर्ट, मल्टी-पैरामीटर मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन उपचार की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. अस्पताल प्रबंधन ने इसके 24×7 संचालन के लिए चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी भी तय कर दी है.
गंभीर मरीजों को जिले में ही मिलेगा इलाज
अब तक गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी, सासाराम या पटना रेफर करना पड़ता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था. आईसीयू शुरू होने के बाद ऐसे मरीजों का इलाज जिले में ही संभव हो सकेगा.
24 घंटे मिलेगी मुफ्त ICU सुविधा.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सदर अस्पताल में आईसीयू की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क होगी. मरीजों की 24 घंटे निगरानी के लिए जिले के पीएचसी और एपीएचसी में कार्यरत चिकित्सकों तथा प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसके लिए अस्पताल ने ड्यूटी रोस्टर भी तैयार कर लिया है. साथ ही यदि किसी मरीज को रेफर किया जाएगा तो उसका स्पष्ट कारण अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज करना अनिवार्य होगा.
इन डॉक्टरों की लगी है ड्यूटी
अस्पताल प्रशासन ने सप्ताह के सातों दिन के लिए चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की है. सोमवार को डॉ. हरिशंकर पासवान, मंगलवार को डॉ. मो. आरिफ अनवर, बुधवार को डॉ. साक्षी सिंह, गुरुवार को डॉ. मनीष कुमार, शुक्रवार को डॉ. अभिषेक पटेल, शनिवार को डॉ. संगीता कुमारी और रविवार को डॉ. रामप्रकाश रतन आईसीयू सेवा की जिम्मेदारी संभालेंगे.
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि आईसीयू तैयार होने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर सवाल बने हुए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और प्रशिक्षित चिकित्सकों के बिना गंभीर मरीजों का उपचार चुनौतीपूर्ण हो सकता है. केवल आधुनिक मशीनें पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उन्हें संचालित करने के लिए विशेषज्ञ टीम की भी आवश्यकता होती है.
लोगों ने किया स्वागत, विशेषज्ञों की तैनाती की मांग
स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में आईसीयू शुरू होने का स्वागत किया है. उनका कहना है कि यह लंबे समय से जिले की जरूरत थी, लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलेगा जब यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित और स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जाएगी. इससे गंभीर मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज जिले में ही उपलब्ध हो सकेगा.
