Kaimur Shiksha Vibhag Ultimatum : कैमूर के रामपुर प्रखंड में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जिसको लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तेजस्विनी आनन्द ने कड़ा रुख अपना लिया है. वर्ग-1 में नए नामांकित बच्चों की जानकारी ई-शिक्षाकोष और यू-डायस पोर्टल पर अपलोड नहीं करने पर बीईओ ने नाराजगी जताते हुए सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तय समय में शत-प्रतिशत एंट्री नहीं हुई तो संबंधित प्रधानाध्यापक के वेतन से 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी और आगे अनुशासनिक कार्रवाई भी तय मानी जाएगी.
मामले की जानकारी देते हुए लेखापाल हिमांशु शेखर पाण्डेय ने बताया कि बीईओ कार्यालय से जारी पत्र में साफ कहा गया है कि वर्ग-1 के सभी नव नामांकित बच्चों का डाटा ई-शिक्षाकोष और यू-डायस पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है. इसके बावजूद कई विद्यालय इस कार्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है.
Kaimur News : समीक्षा में खुली लापरवाही, प्रखंड की स्थिति खराब
जिला स्तर पर इस कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है. प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है. इसी समीक्षा में सामने आया कि रामपुर प्रखंड की स्थिति संतोषजनक नहीं है. कई विद्यालयों ने अब तक बच्चों का डाटा अपलोड नहीं किया है, जबकि इस संबंध में पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं.
बीईओ ने इसे बेहद दुखद स्थिति बताते हुए कहा कि बार-बार पत्राचार और व्हाट्सएप के जरिए निर्देश देने के बावजूद काम पूरा नहीं होना यह दर्शाता है कि कुछ प्रधानाध्यापक अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह शिथिलता और आदेशों की अवहेलना है.
Shiksha Vibhag : प्रधानाध्यापकों पर लगे गंभीर आरोप
तेजस्विनी आनन्द ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की लापरवाही से विभागीय व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विद्यालयों में मनमानी और स्वेच्छाचारिता का रवैया अपनाया जा रहा है. यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि बच्चों से जुड़ी योजनाओं को भी प्रभावित करता है.
उन्होंने सभी प्रधानाध्यापकों को चेताते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर हर हाल में वर्ग-1 के बच्चों की प्रविष्टि पूरी करनी होगी. किसी भी तरह की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
वेतन कटौती और कार्रवाई की चेतावनी
बीईओ ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक के वेतन से 10 प्रतिशत तक की कटौती की जाएगी. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी.
उन्होंने यह भी कहा कि समय पर डाटा एंट्री नहीं होने से सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से बच्चों तक नहीं पहुंच पाता और रिपोर्टिंग में भी समस्या आती है. इसलिए इस कार्य को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है.
रामपुर में शिक्षा विभाग की यह सख्ती साफ संकेत दे रही है कि अब लापरवाही पर सीधे कार्रवाई होगी. प्रशासन की नजर हर स्कूल पर है और आने वाले 24 घंटे इस मामले में बेहद अहम माने जा रहे हैं. अब देखना होगा कि स्कूल प्रशासन समय सीमा के भीतर काम पूरा कर पाता है या कार्रवाई का सामना करना पड़ता है.
