Kaimur News : पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर मोहनियां प्रखंड के बीआरजीएफ भवन में सौर मेले का आयोजन किया गया. मेले में लाभुकों को ऑन स्पॉट पंजीकरण की सुविधा दी गयी. विशेषज्ञों और तकनीकी टीम ने लोगों को सोलर संयंत्र की स्थापना, संचालन, रखरखाव, सब्सिडी और बिजली बिल में होने वाली बचत के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
सोलर लगाने पर आर्थिक बोझ होगा कम
मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी कैमूर ने किया. उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से बिजली की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार लाभुकों को भारी सब्सिडी दे रही है. इससे उपभोक्ताओं पर बिजली खर्च का आर्थिक बोझ कम होगा और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र लगाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया.
5.75 प्रतिशत ब्याज पर दो लाख तक का रियायती ऋण
जिलाधिकारी ने बताया कि सोलर संयंत्र लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से दो लाख रुपये तक का रियायती ऋण 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इससे इच्छुक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने में सुविधा होगी. जिले में अब तक 201 उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित कराया है.
25 साल तक काम कर सकता है सोलर पैनल
विद्युत अधीक्षण अभियंता सासाराम ई. इंद्रदेव कुमार ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना आम नागरिकों के लिए लाभकारी और भविष्य उन्मुख पहल है. उचित रखरखाव के साथ सोलर पैनल करीब 25 वर्षों तक सुचारू रूप से काम कर सकता है. इससे बिजली बिल में कमी के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.
सात साल तक मुफ्त मरम्मत की सुविधा
मेले में स्थानीय वेंडरों ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय सीमा में सोलर संयंत्र स्थापित किया जायेगा. करार अवधि के तहत सात वर्षों तक संयंत्र की मरम्मत और रखरखाव की निशुल्क सुविधा भी दी जायेगी. तकनीकी टीम ने लाभुकों को संयंत्र की कार्यप्रणाली और रखरखाव के तरीके भी समझाये.
78 हजार रुपये तक मिलेगी सब्सिडी
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घर की छत पर ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है. सौर मेले में दी गयी जानकारी के अनुसार, एक किलोवाट संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है.
खपत के अनुसार लगायें सोलर संयंत्र
एक किलोवाट का सोलर संयंत्र प्रति माह करीब 120 यूनिट, दो किलोवाट करीब 240 यूनिट और तीन किलोवाट करीब 360 यूनिट बिजली का उत्पादन कर सकता है. 120 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए एक किलोवाट, 250 यूनिट तक के लिए दो किलोवाट और इससे अधिक खपत वाले परिवारों के लिए तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का संयंत्र उपयुक्त बताया गया.
100 वर्गफुट छत में लगेगा एक किलोवाट संयंत्र
एक किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र के लिए करीब 100 वर्गफुट छत की जरूरत होती है. सोलर पैनल से जरूरत से अधिक बिजली बनने पर उसे ग्रिड में भेजा जा सकता है. नेट मीटरिंग के माध्यम से इस अतिरिक्त बिजली का समायोजन उपभोक्ता के बिजली बिल में किया जाता है. मेले में इच्छुक लाभुकों को तत्काल आवेदन कर योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया भी बतायी गयी.
