कैमूर में बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के लिए दोगुने रेट पर होगा जमीन का अधिग्रहण, डीएम ने दिया बड़ा अपडेट

Banaras Ranchi Kolkata Expressway: कैमूर के जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के लिए जिले में जमीन मालिकों को दोगुना रेट दिया जायेगा. इस काम में आने वाली सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो गया है.

Banaras Ranchi Kolkata Expressway: बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का कैमूर जिले में निर्माण कार्य शुरू होने में लगातार हो रहे विलंब के बीच एक राहत की खबर है. आर्बिट्रेटर के द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों का सर्किल रेट दोगुना करने का जो फैसला सुनाया गया और उसके अनुसार करीब चार गुना मुआवजा राशि के भुगतान के लिए नयी दर को एनएचएआइ के द्वारा मंजूरी दे दी गयी है.

डीएम सावन कुमार ने दिया लेटेस्ट अपडेट

डीएम सावन कुमार ने बताया कि इसे जिला भू अर्जन पदाधिकारी कैमूर के द्वारा भेजा गया था. अब नयी दर को मंजूरी मिलने के बाद अब दोगुने सर्किल रेट की करीब चार गुनी राशि का भुगतान जमीन मालिकों को किया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे को कैमूर में बनने में आने वाली सबसे बड़ी परेशानी दूर हो गई है.

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एनएचएआइ के द्वारा दे गयी मंजूरी

कैमूर डीएम सावन कुमार ने बताया कि इसकी मंजूरी एनएचएआइ के द्वारा दे दी गयी है. गौरतलब है कि भारतमाला परियोजना के तहत बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे में जिन जमीन मालिकों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है उनके द्वारा कम मुआवजा दिये जाने को लेकर पिछले एक साल से आंदोलन हो रहा है. इससे एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य बाधित था. इसी बीच जमीन मालिक ने आर्बिट्रेटर सह कमिश्नर के यहां सर्किल रेट में बढ़ोतरी के लिए अपील थी.

क्या बोले डीएम

डीएम सावन कुमार ने इस निर्माण कार्य पर बोले, “आर्बिट्रेटर के फैसले के अनुसार दोगुना की गयी सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा भुगतान करने के लिए एनएचएआइ से मंजूरी मिल गयी है. इसकी सूचना मुझे वरीय अधिकारियों के द्वारा प्राप्त हो गयी है. अब जल्द जमीन मालिकों को भुगतान की प्रक्रिया भी नयी दर शुरू हो जायेगी.”

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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