कैमूर में आर्मी जवान को जिंदा जलाने के मामले में नया मोड़, CCTV फुटेज से पुलिस के सामने उठे कई सवाल

Kaimur News : कैमूर में आर्मी जवान को स्कॉर्पियो में जलाकर मारने के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है. शुरुआती जांच और जवान के बयान के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया था. लेकिन, CCTV फुटेज ने घटना को नया मोड़ दे दिया है.

Kaimur News : बुधवार की अहले सुबह आर्मी जवान शत्रुधन यादव को स्कॉर्पियो में बंद कर जिंदा जलाने के प्रयास के सनसनीखेज मामले में पुलिस जांच के दौरान सामने आये CCTV फुटेज ने घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है. वाराणसी के ट्रामा सेंटर में इलाजरत जवान ने चार लोगों पर स्कॉर्पियो में बंद कर जिंदा जलाने का आरोप लगाया था. वहीं, पुलिस को अब तक मिले CCTV फुटेज में घटनाक्रम की तस्वीर अलग नजर आ रही है.

फुटेज में जवान अकेले स्कूटी से रामगढ़ के वार्ड संख्या एक की ओर जाता दिखाई दे रहा है. इसके बाद वह स्कॉर्पियो वाले हाते के मुख्य गेट से सटी बाउंड्री वॉल फांदकर अंदर प्रवेश करता है और कुछ देर बाद उसी दीवार को फांदकर बाहर निकलता दिखाई देता है. इन साक्ष्यों के सामने आने के बाद पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि कहीं स्कॉर्पियो में आग लगाने की घटना जवान द्वारा ही तो नहीं की गयी. हालांकि, पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है.

पत्नी के डायल-112 कॉल और CCTV फुटेज में भी दिखा अंतर

पुलिस के अनुसार, घटना की पहली सूचना आर्मी जवान की पत्नी बिंदु कुमारी सिंह ने सुबह 4:53 बजे डायल-112 पर दी थी. उन्होंने बताया था कि कुछ लोग रुपये के लेनदेन को लेकर उनके पति को घर से बुलाकर रामगढ़ ले गये और वहां उन्हें जिंदा जलाने का प्रयास किया. किसी तरह जान बचाकर जवान घर पहुंचे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए वाराणसी भेजा गया.

सूचना मिलने के बाद देवहलिया में तैनात डायल-112 की टीम सुबह 5:24 बजे सहूका गांव पहुंची और पत्नी से बातचीत की. इसके बाद पुलिस को मामले में कुछ संदेहास्पद परिस्थितियां नजर आयीं.

जली स्कॉर्पियो के पास मिला लाइटर और जले कपड़े

इसी बीच करीब साढ़े छह बजे वीरेंद्र सिंह के साला रामगढ़ थाना पहुंचे और अज्ञात लोगों द्वारा स्कॉर्पियो जलाने की सूचना दी. थानाध्यक्ष सुमित कुमार मौके पर पहुंचे और जली हुई स्कॉर्पियो समेत आसपास के क्षेत्र की बारीकी से जांच की. उन्होंने घटनास्थल का वीडियो भी बनाया.

जांच के दौरान पुलिस को मौके से लाल रंग के जले हुए शर्ट के कई टुकड़े मिले. वहीं, जली हुई स्कॉर्पियो से कुछ दूरी पर सिगरेट जलाने वाला एक लाइटर भी बरामद हुआ. पुलिस ने इन दोनों चीजों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण साक्ष्य माना है.

Also Read : कैमूर में आर्मी जवान को स्कॉर्पियो में जलाया, पीड़ित के बयान पर तीन गिरफ्तार

फर्द बयान में चार लोगों पर लगाया था जिंदा जलाने का आरोप

वाराणसी के ट्रामा सेंटर में जवान के इलाजरत होने की जानकारी मिलने के बाद थानाध्यक्ष ने एक पुलिस पदाधिकारी को वहां भेजकर उसका फर्द बयान दर्ज कराया. जवान ने पुलिस को बताया कि चार लोग उसे घर से बुलाकर ले गये और स्कॉर्पियो में बंद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया. उसने किसी तरह स्कॉर्पियो का शीशा तोड़कर अपनी जान बचाने की बात कही.

फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की. लेकिन इसके बाद CCTV फुटेज की जांच में घटनाक्रम की एक अलग तस्वीर सामने आने लगी.

Also Read : राजपुर में 107.6 लीटर देशी शराब बरामद, पुलिस को देख बाइक छोड़ भागा तस्कर

पहला CCTV फुटेज : अकेले स्कूटी से वार्ड संख्या एक की ओर गया जवान

पुलिस को देवहलिया-रामगढ़ मुख्य पथ के किनारे लगे CCTV कैमरे से मिले फुटेज में आर्मी जवान लाल रंग की शर्ट और हल्के नारंगी रंग का गमछा मुंह पर बांधे अकेले स्कूटी चलाते हुए दिखाई दे रहा है. 3:50 बजे वह मुख्य सड़क से वार्ड संख्या एक की ओर जाने वाली गली में प्रवेश करता नजर आता है.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 4:10 बजे वह उसी रास्ते से स्कूटी पर अकेले वापस लौटता भी दिखाई देता है. इस दौरान उसके शरीर पर शर्ट नहीं है और वह अपने घर सहूका की दिशा में जाता नजर आ रहा है.

दूसरा CCTV फुटेज : बाउंड्री वॉल फांदकर हाते में गया जवान

पुलिस के हाथ लगा दूसरा CCTV फुटेज इस मामले की जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है. स्कॉर्पियो वाले हाते के सामने लगे कैमरे में लाल शर्ट पहने जवान पहले गेट के आसपास इधर-उधर चहलकदमी करता दिखाई देता है. इसी दौरान काले रंग की शर्ट पहने एक अन्य युवक भी वहां आता नजर आता है. पुलिस के अनुसार, वह युवक पहले से गली में रेकी करता हुआ भी दिखाई दे रहा है.

इसके बाद जवान मुख्य गेट से अंदर जाने के बजाय बाउंड्री वॉल फांदकर हाते के अंदर प्रवेश करता दिखाई देता है. कुछ देर बाद वही जवान बाउंड्री वॉल फांदकर बाहर निकलता नजर आता है. CCTV फुटेज में दर्ज इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिये हैं.

Also Read : बक्सर में आयोजित विज्ञान संगोष्ठी में छात्रों ने ऊर्जा के भविष्य पर रखे विचार, क्षमा कुमारी रहीं प्रथम

करीब 40 घंटे की जांच में पुलिस को मिले कई अहम सुराग

घटना के करीब 40 घंटे के भीतर पुलिस ने घटनास्थल, फर्द बयान, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ायी है. पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि स्कॉर्पियो में आग कैसे लगी, मौके से मिले जले कपड़े और लाइटर का घटना से क्या संबंध है तथा जवान के घटनास्थल तक पहुंचने और वहां से निकलने की वास्तविक वजह क्या थी.

थानाध्यक्ष बोले- सभी साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि मामले के प्रत्येक बिंदु की बारीकी से जांच की जा रही है. प्रथम दृष्टया आर्मी जवान और उनकी पत्नी द्वारा पुलिस को गुमराह किये जाने की आशंका प्रतीत हो रही है. उन्होंने बताया कि वाराणसी में जमीन खरीद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा है और न्यायालय में भी मुकदमा लंबित है.

थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस सभी साक्ष्यों को एकत्र कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जायेगी. मामले में हिरासत में लिये गये तीनों लोगों को फिलहाल पीआर बॉन्ड पर छोड़ा जा रहा है.

Also Read : बक्सर के 19 पंचायतों में इबी गणना का काम पूरा, अब परिसीमन से बदलेंगे पंचायतों के समीकरण

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By संजय जायसवाल

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >