= 14 अप्रैल को खरमास बीतने के बाद अप्रैल व मई के महीने में आठ-आठ शुभ मुहूर्त भभुआ सदर. ईद, चैत्र नवरात्र और रामनवमी जैसे बड़े त्योहार बीतने के बाद अब इस महीने 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो जाने के बाद वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो जायेंगे. 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही 15 अप्रैल से लग्न शुरू हो जायेगा. इस बार अप्रैल और मई के महीने में 8-8 दिन वैवाहिक कार्यक्रम के लिए शुभ मुहूर्त है. गौरतलब है कि 2026 में पिछले मार्च के महीने से शुरू हुआ खरमास 14 अप्रैल को समाप्त होने जा रहा है. हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व होता है, लेकिन इसे शुभ मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है. इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे कई शुभ कार्यों पर रोग लग जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास का अंत होता है. इसी के साथ एक बार फिर घरों में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगती है और विवाह समारोहों की तैयारियां जोर पकड़ने लगती हैं. इस बार खरमास समाप्त होते ही अप्रैल के महीने में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो नये जीवन की शुरुआत के लिए बेहद मंगलकारी माने जा रहे हैं. ज्योतिषशास्त्री पंडित उपेंद्र तिवारी के अनुसार, इस महीने की शुरुआत के बाद 15 अप्रैल बुधवार को पहला शुभ संयोग बन रहा है, जो विवाह के लिए अनुकूल रहेगा. इसके बाद 20 अप्रैल सोमवार और 21 अप्रैल मंगलवार को भी शादी के लिए अच्छे मुहूर्त हैं, जिनमें वैवाहिक कार्य संपन्न किये जा सकते हैं. महीने के अंतिम दिनों में भी कई शुभ तिथियां मिल रही हैं. 25 अप्रैल, शनिवार और 26 अप्रैल, रविवार को विवाह के लिए श्रेष्ठ समय रहेगा, जिससे दांपत्य जीवन सुखमय होने की मान्यता है. इसके अलावा 27 अप्रैल सोमवार और 28 अप्रैल मंगलवार को भी शादी के लिए अनुकूल योग बन रहे हैं. वहीं, 29 अप्रैल बुधवार को भी विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा. कुल मिलाकर इस बार अप्रैल का महीना विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए काफी अच्छा माना जा रहा है, जिसमें कई उत्तम तिथियां उपलब्ध हैं. जबकि, मई का महीना भी शादियों के लिए काफी अच्छा रहने वाला है. इस दौरान गुरु और शुक्र की स्थिति अनुकूल रहने से वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है. मई में 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई वैवाहिक कार्यक्रम के लिए शुभ है.
पर्व-त्योहार बीतने के बाद अब 15 अप्रैल से शुरू होगा बैंड-बाजा और बारात
14 अप्रैल को खरमास बीतने के बाद अप्रैल व मई के महीने में आठ-आठ शुभ मुहूर्त
