देर से आने और जल्दी जाने वाले गुरुजी पर कार्रवाई की तैयारी

विधानसभा चुनाव के बाद फिर से शिक्षा विभाग हुआ सख्त

बगैर सूचना के विद्यालय से गायब मिले शिक्षक, तो कटेगा वेतन = विधानसभा चुनाव के बाद फिर से शिक्षा विभाग हुआ सख्त = विधानसभा चुनाव के बाद भी कई शिक्षक बना रहे है मार्क ऑन ड्यूटी = विद्यालय से गायब व समय से पहले जाने वाले शिक्षक किये जा रहे हैं चिह्नित भभुआ नगर. विधानसभा चुनाव समाप्त होते ही शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य संस्कृति को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. लंबे समय से विभाग के निरीक्षण में यह बात सामने आ रही थी कि कई शिक्षक विद्यालय देर से पहुंचते हैं और समय से पहले ही विद्यालय छोड़ देते हैं. ऐसे में अब विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुये चेतावनी दे दी है कि देर से आने व जल्दी विद्यालय से चले जाने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है. ऐसे मामलों में सीधे वेतन कटौती की कार्रवाई की जायेगी. सूत्रों के मानें तो विभाग ने फिलहाल डेढ़ दर्जन से अधिक शिक्षकों को चिह्नित भी किया है, जिनके खिलाफ देर से विद्यालय आने व समय से पहले निकल जाने या आउट किये बिना विद्यालय छोड़ने जैसी गंभीर लापरवाही पायी गयी है. ऐसे शिक्षकों को चिह्नित करते हुए जल्द ही कार्रवाई की जायेगी. जबकि, यह केवल शुरुआत है, आगे बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षकों की जांच की जा रही है. इतना ही नहीं विद्यालय निरीक्षण करने वाले निरीक्षण टीमों के अनुसार, कई विद्यालयों में यह पाया गया कि शिक्षक महीने में कई दिन विद्यालय आउट किये बिना ही चले गये, जो उपस्थिति नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. रिपोर्ट के बाद ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है और उनकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग शुरू कर दी गयी है. विद्यालयों की नियमितता और शैक्षणिक वातावरण को सुधारने के लिए विभाग अब किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं है. इतना ही नहीं विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद एक और बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है. चुनाव समाप्त होने के बावजूद अभी भी जिले में कई शिक्षक प्रतिदिन मार्क ऑन ड्यूटी की हाजिरी बना रहे हैं. जबकि, वर्तमान समय में न तो कोई प्रशिक्षण चल रहा है और न ही कोई विशेष विभागीय कार्य जारी है. ऐसे में बिना किसी ठोस कारण के मार्क ऑन ड्यूटी लगाने को विभाग गंभीर लापरवाही मान रहा है, ऐसे शिक्षकों को भी चिह्नित कर जवाब तलब करने की तैयारी की जा रही है. – क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में पूछे जाने पर डीपीओ स्थापना शंभू प्रसाद सिंह ने कहा कि इ-शिक्षा कोष प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति की डिजिटल निगरानी तेज कर दी गयी है. विद्यालय स्तर पर शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो और बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की रुकावट न आये, इसके लिए उपस्थिति पर सख्ती आवश्यक है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हालत में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी और सभी शिक्षक तय समय पर विद्यालय में उपस्थिति दर्ज करें, अन्यथा कार्रवाई तय है.

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Author: VIKASH KUMAR

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