भभुआ सदर : भभुआ शहर में एक चौकानेवाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला ने स्वास्थ्य प्रबंधन, एक प्राइवेट जांचघर व आशा पर आरोप लगाया है कि उनकी मिलीभगत और गलत ऑपरेशन के चलते वह पुन: गर्भवती हो गयी. महिला का कहना था कि उसने 20 मार्च को ही अपना बंध्याकरण कराया था. लेकिन, 15 दिन बाद ही वह गर्भवती हो गयी.
जानकारी के अनुसार, शहर के वार्ड संख्या 20 की रहनेवाली प्रमीला देवी (पति-पप्पू पासी) 20 मार्च को आशा के साथ भभुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंध्याकरण कराने गयी थी.
भभुआ पीएचसी में 20 मार्च को बंध्याकरण कराने आयी महिला का सातवें नंबर पर बंध्याकरण भी कर दिया गया. बावजूद महिला को 15 दिन बाद ही गर्भवती हो गयी. बुधवार को सदर अस्पताल पहुंची जहां जांच के दौरान महिला के गर्भवती होने की पुष्टि हो गयी. हालांकि, ऑपरेशन के बाद फिर से गर्भवती हुई प्रमिला देवी अपने पति के साथ इसकी शिकायत लेकर सिविल सर्जन केवीपी सिंह के यहां पहुंची. लेकिन, सिविल सर्जन के नहीं रहने के चलते दोनों पति-पत्नी मायूस होकर शिकायत दर्ज कराने बिना वापस लौट गये.
महिला ने बुधवार को सदर अस्पताल में बताया कि बंध्याकरण से पूर्व आशा जांच कराने के लिए बरगला कर एक डायग्नोसिस सेंटर में ले गयी थी, जहां खून व अन्य जांच पर उससे पांच सौ रुपये लिये गये.
इस दौरान जांच पर संदेह प्रकट करते हुए महिला ने डॉक्टर से जांच सही होने का पूछा तो डॉक्टर ने महिला को पुन: गर्भवती होने पर जन्में बच्चे को 20 हजार रुपये में उसे सौंप देने की बात कही. हालांकि महिला तैयार नहीं हुई. गर्भवती हुई महिला का कहना था कि सरकारी जांच की मुफ्त सुविधा होने के बावजूद आशा ने कमीशन की खातिर उसकी जांच सही ढंग से नहीं करायी.
बनेगी जांच कमेटी, सही होने पर मिलेगा हर्जाना: इस मामले में प्रभारी सिविल सर्जन डाॅ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामला काफी गंभीर है. इसको लेकर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर इसमें स्वास्थ्य प्रबंधन की लापरवाही स्पष्ट होती है तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा गर्भवती हुई महिला को सरकारी प्रावधान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर्जाना भी दिया जायेगा.
