पुलिसकर्मियों के साथ सड़क पर उतरे थानाध्यक्ष
मोहनिया सदर : सोमवार की सुबह 10:23 बजे ही मोहनिया के चांदनी चौक से मोहनिया रामगढ़ पथ नेशनल हाइवे 219 पर जाम का लगना शुरू हो गया, जो देखते ही देखते महाजाम में बदल गया. 10:52 तक वाहनों की लंबी कतार चौक से लेकर उत्तर बाजार समिति तक व दक्षिण में मुंडेश्वरी गेट से लेकर अवारी तक के साथ एनएच दो की दोनों सर्विस सड़क इस कदर जाम की भेंट चढ़ी कि मानों पूरी मोहनिया थम सी गयी हो, जो हाल नीचे था वही हाल ओवरब्रिज के ऊपर नेशनल हाइवे दो का था.
जाम में फंसे लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर इतना लंबा जाम लगा क्यों है. ओवरब्रिज आरओबी 60 पर जाम में फंसे लोगों को सामने एनएच दो का ओवरब्रिज साफ दिखायी पड़ रहा था,जिस पर वाहन खामोश नजर आ रहे थे. कुछ लोग इस स्थिति को देख यह कयास लगा रहे थे कि एनएच दो पर कोई बड़ा हादसा तो नहीं हो गया.
इससे नाराज लोगों ने सड़कों को जाम कर दिया हो और सभी मार्ग बाधित हो. जाम में फंसे लोगों में जाम का कारण जानने की उत्सुकता साफ झलक रही थी. भले ही लोग तेज धूप व गरमी से बेहाल थे. जाम का सबसे बड़ा कारण आगे निकलने की होड़ में बाइक व चारपहिया वाहनों का राॅन्ग साइड में एक के बाद एक का घुसना था. चांदनी चौक पर तैनात कुछ जवानों की कोई नहीं सुन रहा था. वे भी बेबस व लाचार नजर आ रहे थे. जाम को भयावह होते देख चांदनी चौक पर तैनात जवानों ने थानाध्यक्ष को मोबाइल फोन पर त्राहिमाम संदेश दिया. इसके बाद लगभग डेढ़ दर्जन जवानों व पुलिस अधिकारियों के साथ थानाध्यक्ष मनोज कुमार चांदनी चौक के लिए चल पड़े. हाइस्कूल मोड़ के समीप दक्षिणी सर्विस लेन पर लगा जाम को देख उनको भी स्थिति समझ में आ गयी. अपने वाहन को वहीं छोड़ पैदल ही लगभग 400 मीटर की दूरी तय कर जवानों के साथ किसी तरह जाम से होकर 11:18 पर चांदनी चौक पहुंचे और सभी जवानों को दिशाओं की जिम्मा सौंप हुए खुद चौक पर जाम हटवाने में लग गये. थानाध्यक्ष व जवानों की कड़ी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे वाहनों का रेंगना शुरू हुआ. इसके पहले स्थिति यह थी कि जाम में फंसे बाइक सवार को इतनी जगह नहीं मिल रही थी कि वह चाह कर भी बाइक पर से उतर सके. इधर, मुंडेश्वरी धाम से वापस लौट रहे श्रद्धालुओं के भी दर्जनों वाहन जाम में फंसे रहे. जवानों के काफी पसीना बहाने के बाद 11:47 मिनट पर पूरी तरह जाम से लोगों को छुटकारा मिला.
