तीन आरोपितों के जारी किये इश्तेहार

कार्रवाई. स्वास्थ्य विभाग के घोटाले में सख्ती वर्ष 2008 से 2011 के बीच हुआ था सवा छह करोड़ का घोटाला एक ही महिला का कई बार बंध्याकरण व प्रसव दिखा कर सरकारी पैसे निकालने का मामला भभुआ कार्यालय : स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनआरएचएम के तहत चलायी जानेवाली योजना बंध्याकरण व जननी बाल सुरक्षा में 2008 […]

कार्रवाई. स्वास्थ्य विभाग के घोटाले में सख्ती

वर्ष 2008 से 2011 के बीच हुआ था सवा छह करोड़ का घोटाला
एक ही महिला का कई बार बंध्याकरण व प्रसव दिखा कर सरकारी पैसे निकालने का मामला
भभुआ कार्यालय : स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनआरएचएम के तहत चलायी जानेवाली योजना बंध्याकरण व जननी बाल सुरक्षा में 2008 से 2011 के बीच कैमूर जिले में किये गये सवा छह करोड़ के घोटाले के मामले में विजिलेंस कोर्ट पटना ने एनजीओ चलानेवाले तीन आरोपितों के खिलाफ वारंट के बाद अब इश्तेहार जारी कर दिया है.
कोर्ट ने जिन तीन लोगों के खिलाफ इश्तेहार जारी किया है उसमें बुद्ध विकास संस्थान व गांधी कुष्ठ निवारण के वरुण सिंह ग्राम सेवा एंड संवर्धन प्रतिष्ठान चांद के राजीव सिंह, सुविधा हेल्थ सेंटर रामपुर के संजीव सिंह हैं. वरुण सिंह के संस्थान पर 90 लाख रुपये, राजीव सिंह के संस्थान पर 66 लाख व संजीव सिंह पर लगभग 1.5 लाख रुपये गबन का आरोप है. राजीव सिंह व संजीव सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को विजिलेंस कोर्ट ने खारिज कर दिया था, तो वरुण सिंह की जमानत याचिका को हाइ कोर्ट ने खारिज कर दिया था. वरुण सिंह के एक संस्थान बुद्ध विकास संस्थान को कागज पर चलाने का आरोप है.
एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि इश्तेहार चिपकाने के बावजूद अगर कोर्ट में आत्म समर्पण नहीं करते हैं तो पुलिस तुरंत कुर्की-जब्ती के लिये न्यायालय में आवेदन देगी. इसके साथ ही एसपी ने बताया कि उक्त घोटाले को काफी गंभीरता से लिया गया है इसमें अनुसंधान के क्रम में कुछ और लोगों के खिलाफ जालसाजी करने के सबूत हाथ लगे हैं, जिनके खिलाफ बहुत जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जायेगी.

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