जाम में फंसे रहे यात्री, मरीज, आमलोग, छात्र व तीर्थयात्री
जाम की समस्या से निजात दिलाने की प्रशासन से मांग
कर्मनाशा : यूपी-बिहार सीमा पर चेकपोस्ट नौबतपुर से लेकर कुल्हड़ियां तक आठ किमी दूर तक जीटी रोड पर वाहनों का भीषण जाम गुरुवार को लगा रहा, जिससे यात्रियों, मरीजों सहित लोगों को भारी परेशानियों से गुजरना पड़ा.
गौरतलब है कि जीटी रोड पर जगह-जगह पुल-पुलियों का निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण कार्य स्थलों के पास डायवर्सन बनाया गया है. यहां पर यूपी-बिहार से आनेवाले वाहनों की गति धीमी हो जा रही है और धीरे-धीरे जीटी रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग जा रही है. जीटी रोड जैसे व्यस्ततम मार्ग पर वाहनों का जाम लग जाने से सबसे अधिक परेशानी वाराणसी जानेवाले मरीजों को उठानी पड़ रही है.
ऐसे मरीजों की वाहनों को रॉन्ग साइड से होकर गंतव्य को रवाना होना पड़ रहा है. रॉन्ग साइड से आवागमन करने पर दुर्घटना होने की आशंका बराबर बनी रहती है. इस व्यस्ततम रोड से यूपी के वाराणसी व बिहार के बोधगया में देश व विदेश के तीर्थ यात्रियों का आवागमन बराबर होते रहता है, लेकिन जब जीटी रोड पर जाम से विदेशी यात्रियों को भी घंटों परेशानी होती है. साथ ही जो मरीज इमरजेंसी में वाराणसी जाते हैं, वैसे मरीजों के लिए परेशानियां बढ़ जाती हैं. जीटी रोड पर जाम लगने का सिलसिला वैसे तो वर्षों से चल रही है. फिर भी जाम लगने की समस्या दूर नहीं हो पायी है.
इस समय जीटी रोड पर बालू लदे ओवरलोड ट्रकों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो जाम लगने का कारण माना जा रहा है. बालू लदे ट्रके जहां-तहां खड़े रहने से जीटी रोड पर जाम लगाना शुरू हो जाता है. हालांकि, एसपी हरप्रीत कौर के निर्देश पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ धरपकड़ का अभियान अभी भी जारी है. काफी ट्रक पकड़े भी गये हैं. लेकिन, अभी भी ओवरलोड का धंधा करनेवालों का हौसला पस्त नहीं है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से जीटी रोड पर आये दिन जाम लगने की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है.
