शहर के तमाम चौक-चौराहों पर कचरे का अंबार, बढ़ी परेशानी
शहर की कुव्यवस्था से नप अधिकारी बेपरवाह
अधिकारियों के आदेश भी दरकिनार
भभुआ सदर : कैमूर जिला जहां एक तरफ अपना 26वां स्थापना दिवस जोरशोर से मना रहा है, वहीं जिला मुख्यालय व ग्रीन सिटी के नाम से चर्चित भभुआ शहर के लगभग एक लाख की आबादी गंदगी व दुर्गंध के बीच जिले का स्थापना दिवस मनाने को बेबस है. कारण है कि नप अधिकारियों के लापरवाह रवैये व संवेदनहीनता की वजह से तीन दिनों से नगर पर्षद (नप) के 70 संविदा सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं.
इसके चलते शहर में तीन दिनों से न तो कूड़े का उठाव ही कराया जा सका है और न ही शहर की साफ-सफाई ही हो सकी है. हालांकि नप के कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के बड़े अधिकारियों के आवास के आसपास व स्थापना दिवस पर बनाये गये मुख्य कार्यक्रम स्थल पर नप के आठ स्थायी कर्मियों से साफ-सफाई करवा कर उन्हें झांसे में रखने का, तो कार्य कराया गया, लेकिन शहर के सभी 25 वार्डों में न तो तीन दिन से साफ-सफाई करायी गयी है और न ही ओवरफ्लो कर रहे डस्टबीन के कूड़े को ही निस्तारित कराया जा सका है.
डीएम के आदेश की भी परवाह नहीं
शहर की व्यवस्था संभालने वाले नप के अधिकारी कितने जवाबदेह हैं, यह इस बात से पता चलता है कि अपनी व्यवस्था, तो दूर शहर को ग्रीन के बाद क्लीन व विकसित करने के लिए दिये गये डीएम के निर्देश को भी नप अधिकारी अपने ठेंगे पर रख रहे हैं.
गौरतलब है कि दो माह पूर्व डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने शहर का भ्रमण करते हुए ग्रीन सिटी, क्लीन सिटी के बाद विकसित सिटी का नारा देते हुए शहर के लोगों से इस महती कार्य में सहभागिता निभाने की अपील की थी. उन्होंने नप अधिकारियों के साथ गहन मंत्रणा कर शहर में डोर टू डोर कचरे का उठाव, डिवाइडरों पर लगे फूल-पौधों के गमलों को लोहे की जाली से घेरने सहित क्षतिग्रस्त डिवाइडरों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक निर्देशों का पालन नहीं हुआ. आज भी डोर टू डोर कचरे का उठाव सहित अन्य निर्देश फाइलों में हैं.
