15 अपराधियों के गिरोह ने घटना को दिया था अंजाम
भभुआ कार्यालय : बीते 26 फरवरी को तीन बजे भोर में मोहनिया थाना क्षेत्र के डड़वा के पास औरंगाबाद के पशु व्यवसायियों से लूटपाट व एक व्यवसायी द्वारा विरोध किये जाने पर लूटेरों द्वारा गोली मार कर हत्या किये जाने के मामले का पुलिस ने 72 घंटे में उद्भेदन करते हुए दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है. लूटकांड की योजना डड़वा का रहनेवाला पंकज गुप्ता उर्फ पंकज मोदी द्वारा बनायी गयी थी. घटना को अंजाम चेलवा गिरोह द्वारा दिया गया था.
गुरुवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि रविवार की भोर में लगभग तीन बजे औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना अंतर्गत रेपुरा गांव के लगभग 15 व्यवसायी मोहनिया स्टेशन से किराये की मैजिक गाड़ी से दिलदारानगर पशु खरीदने जा रहे थे.
इसी दौरान डड़वा के पास सात-आठ की संख्या में लुटेरों ने हथियार व लाठी-डंडे के दम पर मैजिक पर हमला कर दिया था. व्यवसायी से लूटपाट भी की थी. औरंगाबाद के रेपुरा गांव निवासी टंडन तिवारी ने लूट का विरोध किया, तो लुटेरों ने गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी. एसपी ने मोहनिया एसडीपीओ मनोज राम के नेतृत्व में उक्त घटना के उद्भेदन के लिए एक टीम गठित की थी, जिसमें मोहनिया थानेदार सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया था. उक्त टीम ने 72 घंटे में उक्त लूटकांड व हत्या का उद्भेदन करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में रामगढ़ थाना क्षेत्र के सिसौढ़ा गांव निवासी महेश साह का पुत्र पंकज गुप्ता उर्फ पंकज मोदी व रामगढ़ थाना क्षेत्र के ही सूर्यपुरा गांव निवासी विश्वामित्र सिंह का पुत्र श्रवण कुमार शामिल हैं. पंकज गुप्ता उर्फ पंकज मोदी मोहनिया के डड़वा में ही रहता था.
सूर्यपूरा के श्रवण से किया था संपर्क : गिरफ्तार दोनों लुटेरों ने पुलिसिया पूछताछ में बताया है कि डड़वा का रहनेवाला पंकज गुप्ता उर्फ पंकज मोदी ने ही उक्त लूटकांड की योजना बनायी थी. पंकज मोदी प्रत्येक शनिवार को उक्त व्यवसायियों को औरंगाबाद से मोहनिया ट्रेन से आकर मैजिक व चारपहिया वाहनों द्वारा दिलदारनगर पशु मेले में पशु खरीदने के लिए जाते हुए देखता था. हर शनिवार को यह देखने के बाद उसने घटना के एक सप्ताह पहले लूटकांड की योजना बनायी. इसके लिए उसने सूर्यपुरा के श्रवण कुमार से संपर्क किया.
श्रवण ने पंकज मोदी की लूट की योजना मोहनिया के रहनेवाले संजीव उर्फ चेलवा गिरोह को बताया और कहा कि पंकज मोदी के लूटकांड को अंजाम देना है. संजीव उर्फ चेलवा अपने गिरोह के साथ उक्त लूटकांड को अंजाम देने के लिए तैयार हो गया और 26 तारीख की भोर में अपने गिरोह के एक दर्जन सदस्यों के साथ मोहनिया स्टेशन पर पर पहुंचा और जैसे ही औरंगाबाद के पशु व्यवसायी मैजिक ठीक कर दिलदारनगर पशु मेले के लिए चले, वैसे ही उन्हें डड़वा के पास उन्हें रोक लिया गया था. आठ लोग लूट की घटना को अंजाम दे रहे थे वहीं शेष लोग लाइनर का काम कर रहे थे.
टंडन नहीं उलझते, तो नहीं जाती जान
गिरफ्तार पंकज व श्रवण ने बताया कि अगर टंडन तिवारी लूट का विरोध नहीं करते और उनलोगों के साथ नहीं उलझते, तो उनकी हत्या नहीं होती. लुटेरों को टंडन तिवारी के उलझने के बाद ऐसा लगा कि वे अब पकड़े जायेंगे. इस डर से उन्होंने गोली मार दी. संजीव उर्फ चेलवा को उक्त लूटकांड का मुख्य सरगना बताया गया. उक्त लूटकांड में संजीव उर्फ चेलवा के साथ डड़वा का विजेंद्र उर्फ बीडी, पानापुर का गोली सिंह और अल्लू यादव, बघीनी का मन्नु पासी, डड़वा का धन्नु भी शामिल था. पूछताछ में सामने आये अन्य लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए भी मोहनिया पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. उन्होंने यह भी बताया है कि कुछ दिनों पहले रेलवे स्टेशन पर मामादेव के एक सरपंच को गोली मारने में भी संजीव उर्फ चेलवा शामिल था.
डेढ़ वर्ष पूर्व रिंकू अंसारी ने पंकज को मारी थी गोली
पुलिस ने बताया कि मोहनिया में रिंकू अंसारी व पंकज गुप्ता उर्फ पंकज मोदी दो अलग-अलग अपराधी गिरोह चलाते थे. डेढ़ साल पूर्व जब टिंकू अंसारी और पंकज गुप्ता के बीच मतभेद हुआ था, तो रिंकू अंसारी ने रेलवे ओवरब्रिज पर पंकज मोदी को गोली मारी थी, जिसमें पंकज मोदी को तीन गोली लगी थी, लेकिन उसकी जान बच गयी थी. रिंकी अंसारी की मौत के बाद पंकज मोदी अकेले गिरोह को चला रहा था.
