भभुआ नगर : योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में डीआरसीसी केंद्र में मंगलवार को जनप्रतनिधियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जलपान की व्यवस्था नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जतायी. जलपान नहीं मिलने से जनप्रतिनिधि क्षुब्ध दिखे व उन्होंने यह तक कह दिया कि प्रशिक्षण के नाम पर महज खानापूर्ति की गयी है. […]
भभुआ नगर : योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में डीआरसीसी केंद्र में मंगलवार को जनप्रतनिधियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जलपान की व्यवस्था नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जतायी. जलपान नहीं मिलने से जनप्रतिनिधि क्षुब्ध दिखे व उन्होंने यह तक कह दिया कि प्रशिक्षण के नाम पर महज खानापूर्ति की गयी है. प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 100 लोग जुटे थे. कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जो लगभग दो घंटे तक चला. प्रशिक्षण में पानी की तो व्यवस्था थी लेकिन जलपान का कोई इंतजाम नहीं था. कार्यक्रम के दौरान तो जनप्रतिनिधियों ने किसी तरह खुद को संयमित रखा,
लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते ही उनका धैर्य टूट गया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय, स्वयंसहायता भत्ता व कुशल युवा कार्यक्रम युवाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में जनप्रतिनिधियों को विस्तारपूर्वक बताया गया. साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को इन योजनाओं से जोड़ने की बात कही गयी. मौके पर बीडीओ मानेंद्र कुमार, डीआरसीसी मैनेजर गरिमा भारद्वाज, सहायक प्रबंधक वंदना कुमारी पाठक, प्रिया रंजन, चंद्रमणी कुमार सहित सभी पंचायतों के जनप्रतिनिधि मौजूद थे.
जलपान के संबंध में मुकेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जलपान की व्यवस्था करने का न तो कोई निर्देश प्राप्त है और न ही इसके लिए कोई राशि आवंटित की गयी है.
युवाओं से जुड़ी योजनाओं के बारे में जागरूक करने के लिए हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
विभिन्न योजनाओं के लिए अब तक 1958 आवेदन हुए स्वीकृत
सूत्रों के मुताबिक, राज्य के ‘आर्थिक हल युवाओं को बल’ कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए अब तक 83 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2 आवेदन अस्वीकृत किये गये, जबकि 26 आवेदन लंबित हैं. वहीं, स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत कुल 7658 आवेदन मिले, जिनमें से 659 आवेदन अस्वीकृत कर दिये गये. इनमें से 53 आवेदन लंबित हैं. कुशल युवा कार्यक्रम के तहत कुल 1988 आवेदन दिये गये, जिनमें एक आवेदन लंबित है. योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड व स्वयं सहायता भत्ता योजना में स्वीकृत आवेदनों के सत्यापन के उपरांत लाभुकों के खाते में जनवरी माह तक की राशि भेजी जा चुकी है.