मोहनिया शहर : स्थानीय स्टेशन रोड में स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार की दोपहर डॉक्टर के लापरवाही से एक चार माह के बच्चे की मौत हो जाने का मामला सामने आया है. इस घटना से गुस्साये परिजनों ने निजी अस्पताल में हंगामा किया.
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को भभुआ के अमाढ़ी गांव निवासी महेंद्र सिंह के चार माह के बीमार बेटे प्रिंस कुमार को इलाज के लिए मोहनिया के स्टेशन रोड स्थित बच्चों एक निजी अस्पताल में लाया गया. बताया जाता है कि बच्चे को डॉ. धर्मेंद्र कुमार के पास इलाज के लिए ले जाया गया. परिजनों का कहना है कि उक्त डॉक्टर ने बच्चे का इलाज किया व दोपहर को बच्चे की स्थिति गंभीर देखते हुए उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया. बच्चे को ऑक्सीजन मास्क लगा कर वाराणसी रेफर किया गया, लेकिन चंदौली पहुंचते-पहुंचते ऑक्सीजन सिलिंडर से सिलिंडर खत्म हो गया व बच्चे की मौत हो गयी.
इससे बच्चे के परिजन आग बबूला हो गये व वापस मोहनिया के निजी अस्पताल में पहुंचे तथा हंगामा किया. बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है. परिजनों ने सवाल किया कि जब सिलिंडर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं था, तो क्यों दिया गया. परिजनों का यह भी कहना है कि अगर रेफर करना ही था, तो पहले क्यों नहीं किया गया. जब बच्चे की हालत गंभीर हो गयी, तब उसे रेफर किया गया. मृत बच्चे के परिजन आधे घंटे तक अस्पताल में हंगामा करते रहे. इस संबंध में निजी अस्पताल के डॉक्टर धर्मेन्द्र कुमार ने बताया कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गयी है. उन्होंने कहा कि बच्चा इलाज के लिए आया, उन्होंने तुरंत उसे रेफर कर दिया. उसकी कैसे रास्ते में मौत हुई, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. खबर लिखे जाने तक मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी.
