भभुआ कोर्ट : अपर जिला एवं सत्र न्यायालय चतुर्थ पांडेय ऋषिकांत सिन्हा की अदालत ने समता पार्टी के नेता सह अधिवक्ता रणविजय बहादुर सिंह की गोली मारकर हत्या करने के मामले में चैनपुर थाना के ग्राम डोभरी निवासी भानु प्रताप सिंह को सश्रम आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी है़ अर्थदंड की राशि भुगतान नहीं करने पर छह माह की सजा मुकर्रर की है.
वहीं चांद थाना अंतर्गत बहदुरा निवासी धनंजय सिंह को पांच साल और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है. अर्थदंड की राशि नहीं भुगतान करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी. गौरतलब है कि विगत दो नवंबर 2001 को अधिवक्ता रणविजय बहादुर सिंह भभुआ व्यवहार न्यायालय से अपना काम निबटा नगरपालिका के पीछे भभुआ वार्ड नंबर 1 अपने मकान के पास पहुंचे कि अपराधियों ने पीछे से गोली मार दी और भभुआ अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु रास्ते में हो गयी, जिसमें उनके पिता कमलापति सिंह ग्राम कोरी थाना भभुआ ने भभुआ थाने में कांड संख्या 321/01 अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध दर्ज करवाया था.
अधिवक्ता के शाला बबलू सिंह के बयान और अनुसंधान के क्रम में भभुआ थाना के बरना निवासी भोगा सिंह, रमेश सिंह चैनपुर थाना के डोभरी निवासी भानु प्रताप सिंह और चांद थाना के बहदुरा निवासी धनयंजय सिंह का नाम उक्त कांड में आया था. जिसमें भोगला सिंह की मृत्यु हो चुकी है. अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक त्रिभुवन पांडेय और बयान पक्ष अरविंद कुमार सिंह ने अपना-अपना पक्ष रखा था.
