मुआवजे व नौकरी के लिए रोका रेलवे पुल का निर्माण

रेलवे पुल में जा रहीं 84 लोगों की जमीन, घर भी टूटेंगे ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष की बातों को किया अनसुना कर्मनाशा : सोमवार को दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के बहेरा गांव के विस्थापितों ने मुआवजे की मांग को लेकर रेलवे पुल निर्माण रुकवा दिया. थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय मौके पर पहुंच कर विस्थापितों को समझाने बुझाने […]

रेलवे पुल में जा रहीं 84 लोगों की जमीन, घर भी टूटेंगे
ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष की बातों को किया अनसुना
कर्मनाशा : सोमवार को दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के बहेरा गांव के विस्थापितों ने मुआवजे की मांग को लेकर रेलवे पुल निर्माण रुकवा दिया. थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय मौके पर पहुंच कर विस्थापितों को समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन विस्थापित अपनी मांगें पूरी होने तक कोई समझौता करने को तैयार नहीं हुए. विस्थापितों का कहना है कि गांव के 84 लोगों के घर सहित जमीन पुल निर्माण में जा रही है. डीएफसीसी द्वारा अभी तक ग्रामीणों को पूरा मुआवजा नहीं दिया गया है. विस्थापितों को नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गयी है.
गंभीर नहीं प्रशासन
गौरतलब है कि जिला प्रशासन व डीएफसीसी के अधिकारियों के पास ग्रामीण इन मांगों की पूर्ति के लिए गुहार लगा कर थक चुके हैं. बावजूद विस्थापितों की सुनवाई नहीं की जा रही है. चार दिन पूर्व डीएफसीसी के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की गयी थी, लेकिन डीएफसीसी के अधिकारी नहीं पहुंचे. विस्थापितों की मांग है कि जिन लोगों की जमीनें रेलवे में जा रही हैं, उनको रेलवे विभाग का गजट दिखाया जाये, लेकिन डीएफसीसी के अधिकारी रेलवे विभाग का गजट दिखाने मे दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि विस्थापितों को अभी तक भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा विस्थापित प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया है.
मिट्टी पाट दिये जाने से पानी का निकास रुका
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा बहेरा गांव की पश्चिम तरफ की मिट्टी पाट दिये जाने से आधे गांव के घरों का पानी रुक गया है. इससे ग्रामीण परेशान हैं. जबकि मिट्टी पाटने से पहले कंपनी द्वारा पानी निकासी के लिए नाली बनाने का आश्वासन दिया था. ऐसा अभी तक नहीं किया गया. इन सभी समस्याओं का निराकरण नहीं होने से विस्थापितों द्वारा बहेरा गांव के पास चल रहे रेलवे पुल निर्माण का कार्य रोक दिया गया है. गौरतलब है कि रेलवे पुल का निर्माण डीएफसीसी के अधीन सीएंडसी कंपनी द्वारा कराया जा रहा है.
अधिकारियों ने दी थाने को सूचना
विस्थापितों द्वारा निर्माण रोक दिये जाने पर कंपनी के अधिकारियों ने थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय को सूचना दी. सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने विस्थापितों काे आश्वासन दिया कि डीएफसीसी कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर मामले का समाधान कर लिया जायेगा. तब तक कार्य होने दें, लेकिन विस्थापित नहीं माने. विस्थापितों ने कहा कि यहां डीएफसीसी के अधिकारी आये और विस्थापितों की मांग पूरी करे. इसके बाद ही कार्य चालू होने दिया जायेगा. जब से काम शुरू हुआ है, उन्हें िसर्फ आश्वासन ही मिल रहा है़ अब ऐसा नहीं होगा1 इस दौरान रामेश्वर तिवारी, अजय प्रताप सिंह, बृजलाल केवट, राजेंद्र मुशहर, रामबली मुसहर ,घुरहु राम, राजेंद्र साह आदि विस्थापित मौजूद थे.

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