डीएम के निर्देश के बाद भी सवारी वाहनों की छतों पर ढोये जा रहे यात्री
रामपुर : प्रखंड के सबार भभुआ मुख्य पथ, भीतरीबांध सबार मुख्य पथ आदि सड़कों पर चलनेवाले सवारी ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ पुलिस का प्रयास असफल साबित हो रहा है. इससे हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. क्षेत्र के उक्त मुख्य पथों से प्रतिदिन सैकड़ों सवारी गाड़ियां चलती हैं. इसमें ऑटो, पिकअप, मैजिक, बस हैं. सबार भभुआ मुख्य सड़क व भीतरीबांध से सबार थाना पार करते हुए सवारी ओवरलोडिंग गाड़ियां चेनारी जाती हैं. बावजूद पुलिस की नजर इस ओर नहीं जाती.
एक ऑटो पर अपने निर्धारित यात्री से ज्यादा लोगों को ढोया जाता है. ऑटो चालक ऑटो की छत पर भी लोगों को बैठा लेते हैं. ये लोग परिवहन विभाग के नियम व कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं.
कहते हैं यात्री : अवध कुमार, लक्ष्मण राम, विनोद पासवान आदि ने बताया कि बसों में यात्रा करनेवाले यात्रियों को जानवरों की ढोया जाता है. यात्री सीट पर बैठे या नहीं, उससे बराबर किराया वसूला जाता है. किसी यात्री द्वारा इसका विरोध किया जाता है, तो बस के कंडक्टर या वाहन मालिकों द्वारा बीच रास्ते में ही उन्हें उतारने की धमकी दी जाती है. बस कंडक्टरों, चालकों या मालिकों द्वारा कहा जाता है कि पहले बस या वाहन पर चढ़िए इसके बाद आपको सीट दिया जायेगा, लेकिन वाहन पर चढ़ने के बाद भी सीट नहीं मिलती है.
मजबूरन खड़े-खड़े या छतों पर बैठ कर यात्रा करनी पड़ती है.
गौरतलब है कि एक पखवारा पूर्व बैठक के दौरान डीएम द्वारा परिवहन विभाग के अधिकारी व संबंधित थानों को निर्देश दिया गया था कि बसों या सवारी वाहनों की छतों पर बैठ कर यात्रा करनेवाले यात्रियों, वाहन चालकों व मालिकों पर ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चला कर कार्रवाई की जाये. एक पखवारा बीत जाने के बाद भी निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है. खुलेआम सवारी वाहनों की छतों पर बैठा कर यात्रियों को ढोया जा रहा है. इसके साथ छोटी सवारी गाड़ियों पर औकात से ज्यादा यात्री व माल की ढुलाई की जा रही है. इस पर न, तो परिवहन विभाग का ध्यान है और न ही संबंधित थानाें के अधिकारियों का.
क्या कहती है पुलिस
सवारी ओवरलोडिंग वाहनों व बसों या अन्य छोटी सवारी गाड़ियों की छतों पर बैठानेवाले वाहनचालकों, मालिकों व यात्रियों पर अभियान के तहत कार्रवाई की जायेगी.
अजीत कुमार, सबार थानाध्यक्ष
