एक ही शिक्षक दो शिफ्टों में पढ़ाते हैं बच्चों को

तैयारी नहीं होने के चलते 13 छात्र नहीं देंगे बोर्ड परीक्षा कक्षा नौ व 10 का हाल बेहाल 2011 में मिला था उच्च विद्यालय का दर्जा छह वर्ष बाद भी दूसरे शिक्षक की नियुक्ति नहीं मोहनिया सदर : सरकार शिक्षा के उत्थान के लिए ‘अवसर बढ़े आगे पढ़े’ का नारा दे रही है, लेकिन धरातल […]

तैयारी नहीं होने के चलते 13 छात्र नहीं देंगे बोर्ड परीक्षा
कक्षा नौ व 10 का हाल बेहाल
2011 में मिला था उच्च विद्यालय का दर्जा
छह वर्ष बाद भी दूसरे शिक्षक की नियुक्ति नहीं
मोहनिया सदर : सरकार शिक्षा के उत्थान के लिए ‘अवसर बढ़े आगे पढ़े’ का नारा दे रही है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है. मोहनिया प्रखंड के बघिनी पंचायत मुख्यालय स्थित हाइस्कूल 10 सालाें से एक ही शिक्षक के सहारे चल रहा है. वर्तमान में यहां वर्ग नौ में 92 विद्यार्थी नामांकित हैं. इनमें 56 छात्र व 36 छात्राएं हैं. वर्ग 10 में 76 विद्यार्थी हैं, जो इस बार बोर्ड की परीक्षा में शामिल होंगे. इनमें 42 छात्र व 34 छात्राएं हैं. इनमें 13 विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होंगे.
दो शिफ्टों में पढ़ते हैं बच्चे
बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए गणित के शिक्षक अकेले ही लगे हैं. बच्चों की बहुलता को देखते हुए वर्ग नौ व 10 के बच्चों को अलग-अलग शिफ्टों में पढ़ाते हैं. अन्य विषयों के लिए कुछ हद तक मिडिल क्लास के शिक्षक भी कभी-कभार सहयोग करते हैं, लेकिन पैटर्न में बदलाव होने के कारण ये शिक्षक भी पढ़ाने में सफल नहीं हो पाते हैं.
शिक्षक की कमी का ही नतीजा है कि बोर्ड परीक्षा में इस विद्यालय का रिजल्ट अच्छा नहीं रहा है. गौरतलब है कि सरकार भले ही शिक्षा को लेकर तरह-तरह के वादे करती है, लेकिन जब हम सरकारी विद्यालयों की शिक्षा पर नजर डालते हैं, तो यह ढाक के तीन पात वाली कहावत ही साबित होती है. वर्ग पांच में ऐसे बहुत से बच्चे हैं जिनको हिंदी लिखना व पढ़ना तक नहीं आता है.

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