बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने पहुंचे कारीराम गांव अंचलाधिकारी
नुआंव : प्रखंड क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने जहां आम आवाम का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र की नदियों में आये उफान से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गयी है.
एक तरफ गोरिया नदी की उफान से प्रखंड के पूर्वी भाग के लगभग एक दर्जन गांव कोनहरा, बहुअरा, पड़ीयारी, मुखराव व बरवरीया आदि का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. लोग जान जोखिम में डालकर भटवलिया गांव के पास मोटरसाईकिल व पैदल किसी तरह अपने रोजमरर्रा का सामान लाने के लिए बाजार पहुंच रहे है.
कारीराम गांव के लगभग 50 घर बाढ़ के पानी में जलमग्न : उत्तर प्रदेश व बिहार की सीमा पर बह रही कर्मनाशा नदी ने भी कोई कसर नहीं छोड़ा है. नदी में उफान के चलते गांवों के करीब सैंकड़ो झोंपड़ीनुमा घर पानी में समाहित हो गये हैं. ग्रामीण किसी तरह अपने मकान से खाने के समान निकाल सुरक्षित घरों में पहुंच रहे हैं व मवेशियों को गांव के खेल मैदान में शरण दे रखा है.
पजराव व अखनी गांव में भी बाढ़ का कहर
पजराव व अखनी गांव के समीप से होकर गुजरीकर्मनाशा नदी के उफान से सैकड़ो एकड़ फसल डूबी हुई है. वहीं उत्तर प्रदेश से बिहार आने जानेवाले तीन रास्ते कारीराम- खजुरीघाट, अखनी- कुर्रा पुल व जैदपुरा घाट के बंद हो जाने से उत्तर दिलदारनगर, जमानीया व गाजीपुर के बाजारों से खरीददारी कर बिहार पहुंचनेवाल व्यापारियों के व्यापार पर भी काफी असर पड़ा है. नदी में पानी होने के कारण व्यापारी मोहनिया के रास्ते लंबी दूरी तय कर इन बाजारों में पहुंच अपना कारोबार कर रहे हैं.
जैतपुरा पंप कैनाल का पाइप मुड़ा
नदी में आये उफान के चलते जैतपुरा गांव के की फसल डूब गये है. वहीं यहां के खेतों को सिंचित करनेवाले जैतपुरा पंप कैनाल केर बेस तक पहुंचने वाली फलैक्सिबल पाइप नदी की तेज धारा के कारण मुड़ गयी है. नदी का जलस्तर घटने पर ही पता चलेगा की पाइप सुरक्षित है या नहीं.
