मोहनिया . (नगर) : प्रखंड के पकड़ीहार में चतुर्मास ज्ञानव्रत यज्ञ में जीयर स्वामी ने बताया कि मोह को त्यागने से ही वैराग्य की प्राप्ति हो सकती है. पाप लोहे की हथकड़ी है, तो पुण्य सोने की. पाप कर्म करने से निकृष्ट योनी में जन्म होता है. कुछ काल तक मनुष्य को स्वर्ग का उपयोग कर फिर पृथ्वी के बंधन में बंधना पड़ता है अर्थात परमात्मा से सहयोग या मिलने का नाम ही योग है.
मोह को त्यागने से ही वैराग्य की प्राप्ति : जीयर स्वामी
मोहनिया . (नगर) : प्रखंड के पकड़ीहार में चतुर्मास ज्ञानव्रत यज्ञ में जीयर स्वामी ने बताया कि मोह को त्यागने से ही वैराग्य की प्राप्ति हो सकती है. पाप लोहे की हथकड़ी है, तो पुण्य सोने की. पाप कर्म करने से निकृष्ट योनी में जन्म होता है. कुछ काल तक मनुष्य को स्वर्ग का उपयोग […]
