पिटाई से तीन लोग जख्मी, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
दोनों तरफ से थाने में दर्ज कराया गया मामला
भभुआ (कार्यालय) : थाना क्षेत्र के देनवा गांव में गुरुवार की सुबह मंदिर में पूजा किये जाने को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है. इसमें एक पक्ष के लोगों ने आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है.
इसमें तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. इनका इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है. इसे लेकर भभुआ स्थित एससी-एसटी थाना में पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. वहीं दूसरे पक्ष के लोगों ने भी भभुआ थाने में पांच लोगों के खिलाफ मारपीट व लूटपाट करने का मामला दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है
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सदर अस्पताल में मारपीट से घायल इलाज के लिए पहुंचे मनोज राम ने बताया कि बुधवार को घर की दो बहू मन्नत की साड़ी गांव के ही काली मंदिर में चढ़ाने गयी थीं. इसी बात को लेकर गांव के कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग आक्रोशित थे. मामले को लेकर गांव के ही हृदेश सिंह, सोनू सिंह, जम्मू सिंह, संदीप सिंह व विनोद सिंह ने गुरुवार की सुबह मंदिर में पूजा करने को लेकर मनोज राम सहित झेंगरी राम व रामेश्वर राम की लाठी डंडे से पिटाई कर दी.
इसमें उक्त तीनों लोग बुरी तरह जख्मी हो गये. आनन-फानन में जख्मी तीनों लोगों को इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल लाया गया. उनके साथ गांव की दर्जनों महिलाएं सदर अस्पताल पहुंची थीं. इस मामले की प्राथमिकी मनोज राम द्वारा भभुआ स्थित एससी-एसटी थाने में दर्ज करायी गयी है, जिसमें हृदेश सिंह, सोनू सिंह, जम्मू सिंह, संदीप सिंह व विनोद सिंह को आरोपित बनाया गया है.
वहीं दूसरी तरफ दूसरे पक्ष से हृदेश सिंह ने भी भभुआ थाने में मारपीट की लिखित शिकायत दी है.हृदेश सिंह द्वारा भभुआ थाने में दिये गये लिखित शिकायत के मुताबिक गुरुवार को जब वे अपने पशुओं को चारा डाल रहे थे गांव के हीं रामेश्वर राम, झेंगरी राम, कन्हैया राम, मनोज राम व रामगहन राम पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे और मना करने पर उनलोगों ने खंती से हमला कर दिया. इसमें वह और उनका बेटा जख्मी हो गये. सरकारी गल्ले की दुकान से 35 हजार रुपये लेकर फरार हो गये. उक्त मामले में हृदेश सिंह ने भी पांच लोगों के ऊपर मारपीट एवं लूटपाट करने की लिखित शिकायत भभुआ थाने में दी है.
क्या कहती हैं एसपी
एसपी हरप्रीत कौर ने कहा कि कोई किसी को भी मंदिर में जाने या पूजा करने से नहीं रोक सकता है. उक्त विवाद दो परिवारों के बीच है. इस मामले को गंभीरता से लिया गया है. इसमें दोषियों को चिह्नित कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश थानाध्यक्ष को दिया गया है.
