भभुआ(सदर) : अगर शहर की बदहाली देखनी हो, तो आप एक बार वार्ड नंबर सात में घुस कर पता लगा सकते हैं. इस वार्ड में नालियां और सड़कें तो हर तरफ बनी हुई हैं, लेकिन चारों ओर नालियों का निर्माण कराये जाने के बावजूद इसे विडंबना ही कहा जा सकता है कि बारिश के बाद नालियों का पानी सड़कों को डुबो रहा है.
जाहिर है कि नालियों का पानी सड़कों पर रहेगा तो सड़क भी क्षतिग्रस्त होगी. एसपी, एसडीओ आवास सहित इस वार्ड में पुलिस लाइन, सदर अस्पताल, नगर पुलिस थाना, शहीद संजय सिंह कॉलेज, जगजीवन स्टेडियम, सिटी पार्क व इंडोर स्टेडियम जैसे कई चर्चित कार्यालय व विभाग स्थित हैं. इस वार्ड में गण्यमान्य लोगों के रहने के चलते नगर पर्षद द्वारा कार्य तो बहुत सारे कराये गये हैं, लेकिन अब तक कराये गये सभी कार्य अनियमितता और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गये.
16 लाख की नाली व सड़क बेकार : शहर के वार्ड नंबर सात में सरकारी कार्यालय, आवास होने के बावजूद लगभग एक हजार के लगभग मतदाता इस वार्ड में है. पिछले वर्ष इस वार्ड में जलनिकासी के लिए बिरजू पटेल के घर से प्रखंड कार्यालय तक सात लाख 26 हजार और मुख्य सड़क से प्रखंड कार्यालय तक आठ लाख 77 हजार की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था और इन नालियों को सड़क से गुजर रहे मुख्य नाले से जोड़ा गया था.
नाली बन कर तैयार भी हो गय व ठेकेदार को लागत की राशि भी उपलब्ध करा दी गयी. आज तक इस वार्ड के घरों से निकला हुआ पानी मुख्य नाले तक नहीं पहुंच सका. उल्टे मुख्य नाले का ही पानी इस सर्विस नाले की ओर मुड़ जाता है, जो वार्ड में स्टेडियम व प्रखंड कार्यालय सहित पुलिस लाइन केंद्र जाने वाली सड़क को डूबो देता है.
नालियों के ढ़क्कन टूटे : इस वार्ड के लोगों की कई समस्याएं अनेक हैं. इस वार्ड में वार्ड पार्षद के घर से सामुदायिक भवन तक जाने वाली सड़क के उपर बनी नालियों के ढ़क्कन टूटे हुए हैं. वहीं आंबेडकर छात्रावास संख्या दो तक जानेवाली सड़क जलजमाव से क्षतिग्रस्त हो चुकी है. वार्ड पार्षद के दरवाजे को छोड़ पूरे वार्ड में रोशनी की व्यवस्था बेहाल हो चूंकि है.
