भभुआ(सदर) : करीब 800 मतदाता वाले वार्ड नंबर छह की हालत काफी खराब है. यहां सालो भर लोग को असुविधा का दंश झेलना पड़ता है. वार्ड की समस्याओं से लोगों ने कई बार नगर पर्षद के अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उनकी समस्याओं का हल नहीं निकाला जा सका. वार्ड में शाम ढलते अंधेरा छा जाता है. यहां कहीं बिजली की व्यवस्था नहीं है. इसी वार्ड में जिला पदाधिकारी का आवास भी है.
सड़क से बिना हाथ में चप्पल लिये घर तक नहीं जा सकते आप : पटेल चौक का कुछ एरिया व वन विभाग के सामने से लेकर सीवों मेला तक के क्षेत्रफल में वार्ड नंबर छह बसा हुआ है. लेकिन इस वार्ड में नहर सड़क का आज तक पक्कीकरण नहीं किया जा सका. बरसात के दिनों में इस सड़क का हाल यह हो जाता है कि नहर रोड से आने जाने के लिए लोगों को अपने हाथ में जूते चप्पल लेकर घर तक या बाजार तक जाना पड़ता है. खास कर इस कुव्यवस्था से स्कूली लड़कियों और महिलाओं को काफी जहमत उठानी पड़ती है.
हर तरफ कुव्यवस्था ही कुव्यवस्था : मंगलवार को मिले सुनील सिंह, जय प्रकाश सिंह, अवधेश राम जैसे लोगों ने बताया कि वार्ड में न तो पेयजल की सुविधा है और न ही सार्वजनिक शौचालय की. वन विभाग के सामने रणविजय चौक पर सार्वजनिक शौचालय को बने तो लगभग दो वर्ष हो गये लेकिन इस शौचालय का ताला दो वर्षों बाद भी नप द्वारा नहीं खोला जा सका. इसके अलावा पटेल कॉलेज से नहर तक जाने वाली मुख्य सड़क की हालत भी काफी खराब हो गई है
इस वार्ड में स्ट्रीट लाइट तो लगे हैं, लेकिन या तो वह स्ट्रीट लाइट मरम्मत के अभाव में बेकार पड़े हुए हैं या फिर कुछ तकनीकी खामियां लोगों को अंधकार में रखने को विवश किये हुए हैं. पूर्व में इस वार्ड में सीएफएल व 13 एलइडी बल्ब लगाये गये थे. लेकिन सभी बेहाल पड़े हुए हैं.
शिकायत के बावजूद नहीं देता है कोई ध्यान : वार्ड के पार्षद मदन सिंह से लोगों को हो रही समस्याओं के निराकरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पहले की शहरी योजनाओं को वार्ड तक पहुंचाया ही गया है, फिलहाल नगर पर्षद के अधिकारी व कर्मचारी निरंकुश हो गये हैं
और पार्षदों द्वारा कही गयी बातों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा. जल्द ही वार्ड के लोगों को अंधेरे से निजात दिलाया जायेगा और मुहल्लों में एक हफ्ते के अंदर बड़े डस्टबिन भी लगाये जायेंगे. इसके अलावा 60 लाख की राशि से काशी सिंह के घर से सीवों रोड तक पीसीसी सड़क के निर्माण का टेंडर हो चुका है. इस वर्ष वह रोड भी बन जायेगा.
